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UNICEF 'मो प्रतिभा' अभियान

जहां कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से चल रह लॉकडाउन में बच्चों की सारी आउटडोर गतिविधियां बंद हैं। ऐसे में बच्चों को कुछ क्रिएटिव काम में लगाए रखने के लिए यूनीसेफ (UNICEF) ने ओडिशा सरकार के साथ मिलकर एक क्रिएटिव स्किल कॉम्पटीशन लॉन्च किया है। इसका नाम ‘मो प्रतिभा’ है। इसमें बच्चे ड्रॉइंग, पेंटिंग, पोस्टर, स्लोगन, शॉर्ट स्टोरी और कविता जैसे कॉम्पटीशन में भाग ले सकेंगे। इसके तहत बच्चों को अपना काम अपलोड करना होगा और इसके लिए उन्हें हर हफ्ते सर्टिफिकेट मिलेगा।
5-18 साल के बच्चे ले सकेंगे भाग
इस प्रतियोगिता में 5 से 18 साल के बच्चे भाग ले सकेंगे। इसमें उन्हें दो थीम- ‘Being at home during lockdown’ and ‘My responsibility as a young citizen during Covid-19′ के तहत काम करना होगा। इसमें बच्चें 5-10 साल, 11-15 साल और 16-18 साल के तहत अपनी एंट्री भेज सकते हैं। इसके लिए अवॉर्ड की घोषणा हर गुरुवार को की जाएगी। बच्चे इसे वॉट्सऐप से अपलोड कर सकते हैं या फिर मेल के जरिए हर दिन सुबह 10 बजे से शाम के 6 बजे तक भेज सकते हैं। शॉर्ट स्टोरीज़ 500 शब्दों से कम की होनी चाहिए।
UNICEF

  • संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (United Nations Children’s Fund-UNICEF) संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 11 दिसंबर, 1946 को स्थापित गया था।
  • पूर्व में इसे संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (United Nations International Children’s Emergency Fund) कहा जाता था।
  • पोलैंड के चिकित्सक लुडविक रॉश्मन ने यूनिसेफ का गठन करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
  • इसे बनाने का प्रमुख उद्देश्य द्वितीय विश्वयुद्ध में तबाह हुए देशों में बच्चों और माताओं को आपातकालीन स्थिति में भोजन और स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना था।
  • 1950 में यूनिसेफ के दायरे को विकासशील देशों में बच्चों और महिलाओं की दीर्घकालिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिये विस्तारित किया गया था।
  • 1953 में यह संयुक्त राष्ट्र का एक स्थायी हिस्सा बन गया और इस संगठन के नाम में से ‘अंतर्राष्ट्रीय’ एवं ‘आपातकालीन’ शब्दों को हटा दिया गया।
  • अब इसका नाम संयुक्त राष्ट्र बाल कोष है किंतु मूल संक्षिप्त नाम ‘यूनिसेफ’ को बरकरार रखा गया। हैनेरीटा एच फोरे इसकी वर्तमान प्रमुख हैं।

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