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यूनेस्को/गिलर्मो कैनो विश्व प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार-2020

कोलंबियाई खोजी पत्रकार जिनेथ बेदोया लीमा (Jineth Bedoya Lima) को यूनेस्को ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार-2020 के लिए चुना है। यूनेस्को/गिलर्मो कैनो वर्ल्ड विश्व प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार (UNESCO/Guillermo Cano World Press Freedom Prize)के माध्यम से एक व्यक्ति या संस्था को सम्मानित किया जाता है जिसने प्रेस स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में योगदान दिया हो। यह पुरस्कार 1997 में गठित किया गया था और इसका नाम कोलंबिया के पत्रकार गिलर्मो कैनो इस्जा (Guillermo Cano Isaza)के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है।
इस वर्ष, कोलंबियाई खोजी पत्रकार जिनेथ बेदोया लीमा को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। 1974 में जन्मी, जेनेथ बेदोया लीमा की रिपोर्टिंग ने कोलंबिया में सशस्त्र संघर्ष और शांति प्रक्रिया और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा पर ध्यान केंद्रित किया है। सुश्री बेदोया लीमा खुद 2000 में यौन हिंसा का शिकार हुई थीं, जब उन्हें हथियारों की तस्करी की जांच के सिलसिले में अपहरण और बलात्कार किया गया था, जब वह एक एक दैनिक अख़बार El Espectador के लिए काम कर रही थी। फिर तीन साल बाद जब वो EL Teimpo के लिए काम कर रही थी तब उन्हें कोलंबिया के एक क्रांतिकारी मिलिटेंट्स ग्रुप द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था।
यूनेस्को/गिलर्मो कैनो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार
यह पुरस्कार 1997 में  यूनेस्को द्वारा कोलंबियाई पत्रकार गिलर्मो कैनो इस्ज़ा के सम्मान में स्थापित किया गया था। गिलर्मो कैनो एक कोलंबियाई पत्रकार थे जिनकी 17 दिसंबर 1986 को बोगोटा में अपने समाचार पत्र एल एस्पेक्टोर के कार्यालय के सामने हत्या कर दी गई थी। यह दुनिया में कहीं भी प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा और प्रचार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए व्यक्ति, संगठन या संस्था का सम्मान करता है। इसमें $ 45000 का नकद पुरस्कार दिया जाता है तथा इसे कोलंबिया स्थित कैनो फाउंडेशन और फिनलैंड स्थित हेलसिंगिन सनोमैट फाउंडेशन द्वारा वित्त प्रदान किया जाता है।

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