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संयुक्त राष्ट्र वैश्विक ई-कचरा मॉनिटर 2020 रिपोर्ट

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय (UNU) की हाल ही में संयुक्त राष्ट्र वैश्विक ई-कचरा मॉनिटर 2020 रिपोर्ट (UN Global E-waste Monitor 2020 Report) जारी की है।

रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदु

  •  वर्ष 2020 और वर्ष 2030 की अवधि में वैश्विक ई-कचरे (E-Waste) में तकरीबन 38 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
  • वर्ष 2019 में एशिया में ई-कचरे की सर्वाधिक मात्रा (लगभग 24.9 मीट्रिक टन) उत्पन्न हुई, इसके बाद अमेरिका (13.1 मीट्रिक टन) और यूरोप (12 मीट्रिक टन) का स्थान है।
  • कुल ई-कचरे में स्क्रीन और मॉनिटर , लैंपटॉप, IT और दूरसंचार उपकरण शामिल थे।
  • वर्ष 2019 में उत्पन्न कुल ई-कचरे के 18 प्रतिशत से भी कम हिस्से का पुनर्नवीनीकरण (Recycled) किया जा सका था।
  • यदि शेष कचरे को भी रिसायकल किया जाता तो इससे कम-से-कम 57 बिलियन डॉलर प्राप्त किये जा सकते थे।

क्या है ई कचरा?

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर तथा उससे संबंधित अन्य उपकरण, टी.वी., वाशिंग मशीन, फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण और कैमरे, मोबाइल फोन तथा उससे जुड़े अन्य उत्पाद जब उपयोग से बाहर हो जाते हैं तो इन्हें ई-कचरा कहा जाता है।

संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय (UNU)

  • संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय (United Nations University-UNU) एक वैश्विक थिंक टैंक और शिक्षण संस्थान।
  • इसका मुख्यालय जापान में स्थित है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की अकादमिक और अनुसंधान शाखा है।

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