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जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की तीसरी बैठक

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने 18 जुलाई 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सऊदी अरब की अध्यक्षता में हुई जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (Finance Ministers and Central Bank Governors (FMCBG) की तीसरी बैठक में हिस्सा लिया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बैठक के पहले सत्र में वित्त मंत्री ने कोविड-19 से निपटने में जी-20 कार्ययोजना के बारे में बात की, जिसका जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों ने 15 अप्रैल 2020 को अपनी पिछली बैठक में समर्थन किया था।
  • जी-20 कार्ययोजना में स्वास्थ्य प्रतिक्रिया, आर्थिक कदम, मजबूत और सतत रिकवरी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समन्वय के स्तंभों के तहत सामूहिक प्रतिबद्धताओं की एक सूची सामने रखी गई, जिसका मकसद महामारी से लड़ने में जी20 के प्रयासों में समन्वय स्थापित करना है।
  • बैठक के दूसरे सत्र में जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों ने सऊदी अरब की अध्यक्षता में जी- 20 वित्तीय ट्रैक डिलिवरेबल्स (G-20 Finance Track deliverables) के घटनाक्रमों पर चर्चा की।
  • अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने ऐसे दो डिलिवरेबल्स की चर्चा की। पहला, सऊदी प्रेसिडेंसी के तहत महिलाओं, युवाओं और एसएमई के लिए अवसरों तक पहुंच बढ़ाना एक प्राथमिक एजेंडा है और इसके तहत जी-20 द्वारा अवसरों तक पहुंच के लिए नीतिगत विकल्पों का एक मेन्यू तैयार किया गया है।
  • दूसरा, अंतरराष्ट्रीय कराधान के एजेंडे और डिजिटल कराधान से संबंधित चुनौतियों के समाधान का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने एजेंडे में प्रगति की बात करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि सर्वसम्मति पर आधारित यह समाधान सरल, समावेशी और एक मजबूत आर्थिक प्रभाव के आकलन पर आधारित हो।

G- 20 समूह:

  • वर्ष 1997 के वित्तीय संकट के पश्चात् यह निर्णय लिया गया कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर एकत्रित होना चाहिये।
  • G-20 समूह की स्थापना वर्ष 1999 में 7 देशों-अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, फ्राँस और इटली के विदेश मंत्रियों द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य वैश्विक वित्त को प्रबंधित करना है।

सदस्य देश:

  • इस फोरम में भारत समेत 19 देश तथा यूरोपीय संघ भी शामिल है। जिनमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, यूरोपियन यूनियन, फ्राँस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
  • G- 20 एक मंच के रूप में कार्य करता है न कि एक संगठन के रूप में, अत: इसका कोई स्थायी सचिवालय और प्रशासनिक संरचना नहीं है।

2022 में जी-20 देशों का नेतृत्व करेगा भारत

  • 2022 में जी-20 देशों की अगुआई करने की जिम्मेदारी भारत के पास आ जाएगी। ऐसे में अभी कोरोनावायरस की चुनौतियों को लेकर जो फैसला किया जाएगा, उन्हें आगे लागू करने में भारत को भी अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। जी-20 में दुनिया के सबसे प्रभावशाली 20 देश शामिल हैं।

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