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कोरोना वायरस के कारण अमेजन के मूल निवासियों का अस्तित्व संकट में

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अमेज़न और ब्राज़ील के दूसरे हिस्सों में रहने वाले मूल बाशिंदों का अस्तित्व कोरोना वायरस की वजह से ख़तरे में पड़ सकता है। इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाली सांस की बीमारी पहले से ही इस इलाक़े के लोगों की मौत की एक मुख्य वजह है।
ब्राज़ील में अब तक छह हज़ार से ज़्यादा कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले आ चुके हैं और 240 लोगों की मौत हो चुकी है।उन्हें इस बात का डर है कि कोरोना वायरस ठीक उसी तरह से मूल निवासियों के बीच तबाही मचा सकता है, जैसे खसरा की वजह से पहले हो चुका है।साठ के दशक में खसरा की वजह से वेनेजुएला की सीमा के पास रहने वाले यानोमामी समुदाय के सदस्यों में नौ फ़ीसदी लोग इस बीमारी से मारे गए थे।इन जनजातियों पर नज़र रखने के लिए ब्राज़ील में फ़ुनाई नाम की एजेंसी बनाई है।
इन समुदायों के पास इस संक्रमण से बचने के साधन जैसे साबुन और सैनिटाइजर मौजूद नहीं है। ये समुदाय एक-दूसरे के साथ बहुत क़रीब रहते हैं और अक्सर एक-दूसरे ग्लास और दूसरे बर्तन इस्तेमाल करते हैं। इससे तेजी से संक्रमण फैलने का ख़तरा रहता है। इस क्षेत्र में कराजा, काग्जीनावा (हुनी-कुइन), बोरो आदि यहां की प्रमुख जनजातिया हैं।
अमेज़न वन
(Amazon Forests)
ये बड़े उष्णकटिबंधीय वर्षा वन हैं जो उत्तरी-दक्षिण अमेरिका में अमेज़न नदी और इसकी सहायक नदियों के जल निकासी बेसिन पर मौजूद हैं तथा 6,000,000 वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करते हैं।
यहाँ प्रतिवर्ष औसतन 230 सेंटीमीटर से अधिक की वर्ष होती है।
यहाँ का तापमान सामान्यतः 20 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।
अमेज़न वन ब्राज़ील के कुल क्षेत्रफल के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से के अलावा उत्तर में गुयाना हाइलैंड्स (Guiana Highlands), पश्चिम में एंडीज़ पर्वत (Andes Mountains), दक्षिण में ब्राज़ीलियाई केंद्रीय पठार और पूर्व में अटलांटिक महासागर से भी घिरा है।

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