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ब्लैजर '1ES 0806+524' से निकलने वाली उच्च ऊर्जा की गामा किरणों में बदलावों का अध्ययन

चर्चा में क्यों

  • भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences (ARIES), नैनीताल के वैज्ञानिकों ने ब्लैजर ‘1 ES-0806+524’ से निकलने वाली उच्च ऊर्जा की गामा किरणों में बदलावों का अध्ययन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • ब्लैजर ( Blazar) सुदूर एक आकाशगंगा के केंद्र में स्थित विशाल ब्लैक-होल (super-massive black-hole (SMBH) है, जो पृथ्वी से उच्च ऊर्जा की जेट (धारा) का निर्माण करता दिखाई देता है।
  • ब्लैजर्स ज्ञात ब्रह्मांड में सबसे चमकदार और ऊर्जावान वस्तुओं में से एक हैं। आयनित पदार्थों (Ionized matter) से बना जेट करीब प्रकाश की गति से पर्यवेक्षक की ओर बहुत तेज गति से आता दिखाई देता है।
  • एरीज के वैज्ञानिकों के एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित अपने अध्ययन में इस ब्लैजर के बारे महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है, जिससे ब्लैजर के विस्तृत ऑप्टिकल गुणों का पता चलता है।
  • उन्होंने समझाया कि विशाल चमक जेट में झटके (shock) के प्रसार का परिणाम है, जो इलेक्ट्रॉनों को उच्च ऊर्जा तक बढ़ाता है, बाद में ठंडा करता है।

क्या होता है ब्लैक होल?

  • ब्लैक होल स्पेस में वो जगह है जहाँ भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता।
  • इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है। इतना शक्तिशाली कि प्रकाश भी यहां प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल पाता है।
  • जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है। धीरे धीरे वह विशाल ब्लैक होल बन जाता है और सब कुछ अपने में समेटने लगता है।

इवेंट हॉराइज़न

  • ब्लैक होल के बाहरी हिस्से को स्टीफ़न हॉकिंग ने इवेंट हॉराइज़न (Event Horizon) नाम दिया है। क्वांटम प्रभाव के चलते इससे गर्म कण टूट-टूट कर ब्रह्माण्ड में फैलने लगते हैं।
  • स्टीफ़न हॉकिंग की खोज के अनुसार हॉकिंग रेडिएशन (Hawking Radiation) के चलते एक दिन ब्लैक होल पूरी तरह द्रव्यमान मुक्त हो कर ग़ायब हो जाता है। नाम के विपरीत ये क्षेत्र खाली नहीं होता बल्कि इसमें कई तरह के पदार्थ होते हैं जो इस इसके क्षेत्रफ़ल को असीम गुरुत्वाकर्षण बल देते हैं।

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