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भेदिया कारोबार रोकने के लिए 30 जून तक प्रमोटरों के अपनी कंपनी के शेयर खरीदने पर रोक

शेयर बाजार के नियामक सेबी (Securities and Exchange Board of India, SEBI) ने कंपनियों के प्रर्वतक (प्रमोटर) और उससे जुड़े लोगों को एक अप्रैल से 30 जून 2020 तक अपनी कंपनी के शेयर खरीदने पर रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि कंपनियों के परिणाम जारी करने के दौरान प्रर्वतकों और उससे जुड़े लोगों पर अपनी कंपनी के शेयर खरीदने-बेचने पर पांबदी होती है। कंपनियों के प्रर्वतकों ने बाजार नियामक से इस बारे में छूट मांगी थी, लेकिन सेबी ने उनकी मांग मानने से साफ इनकार कर दिया है।
बाजार नियामक ने हाल ही सूचीबद्ध कंपनियों को चौथी तिमाही और वार्षिक नतीजे पेश करने के लिए 30 जून तक का समय दिया है। ऐसे में एक अप्रैल से प्रर्वतक शेयर नहीं खरीद सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि सेबी के इस कदम से बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है। कोरोना संकट के चलते बाजार पहले ही निचले स्तर पर पहुंच चुका है। प्रमोटरों को शेयर खरीदने की अनुमति से बाजार को सपोर्ट मिलता, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
48 घंटे तक होती थी पाबंदी
सामान्यत: हर तिमाही के परिणाम जारी करने के दौरान और उसके 48 घंटे बाद तक कंपनी से जुड़े लोगों पर शेयर खरीदने की पाबंदी होती है। सेबी ऐसा इसलिए करता है, जिससे उस कंपनी के लाभ-हानि के आधार (भेदिया कारोबार) पर शेयरों को खरीद या बेच नहीं सकें। कोरोना को देखते हुए परिणाम जारी करने के लिए तिथि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। इस वजह से रोक है।
कौन होते हैं भेदिया?
कंपनी के प्रर्वतक यानी मालिक से लेकर कंपनी से जुड़े वैसे सभी लोग जिन्हें कंपनी की हर गतिविधि की जानकारी होती है उन्हें इनसाइर यानी भेदिया कहा जाता है। इनमें से कोई भी उस जानकारी को किसी भी तरह से साझा कर फायदा उठाता है तो उसे भेदिया कारोबार यानी इनसाइर ट्रेडिंग कहा जाता है। सभी सूचीबद्ध कंपनियों को वह समय बताना होता है जब कंपनी के प्रर्वतक, निदेश और कर्मचारियों के पास अप्रकाशित सार्वजनिक एव संवेदनशील जानकारी होती है ताकि उस दौरान उनके खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जा सके। यह रोक ऑडिटर्स, उससे जुड़ी अन्य कंपनी, विश्लेषक और सलाहकारों पर भी लागू होती है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ((Securities and Exchange Board of India, SEBI) की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी।इसका मुख्यालय मुंबई में है। इसके वर्तमान अध्यक्ष अजय त्यागी हैं।
इसके मुख्य कार्य हैं –
प्रतिभूतियों (Securities) में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों का संरक्षण करना।
प्रतिभूति बाज़ार (Securities Market) के विकास का उन्नयन करना तथा उसे विनियमित करना और उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का प्रावधान करना।

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