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रूस में संविधान संशोधन हेतु जनमत संग्रह

चर्चा में क्यों?

  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 2036 तक पद पर बने रहने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन पर देश के लगभग 78 प्रतिशत मतदाताओं ने मुहर लगा दी है।
  • रूस के चुनाव अधिकारियों ने 2 जुलाई 2020 को मतगणना पूरी होने के बाद यह जानकारी दी।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • रूस के केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार 77.9 प्रतिशत मत संविधान संशोधन के पक्ष में पड़े और 21.3 प्रतिशत मत संशोधन के विरोध में डाले गए।
  • 1999 से रूस पर शासन कर रहे 67 वर्षीय व्लादिमीर पुतिन का कार्यकाल 2024 में समाप्त होने वाला था।
  • संविधान संशोधन के माध्यम से उन्हें आगामी दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद पर बने रहने की स्वीकृति मिल गई है। उल्लेखनीय है कि रूस में राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 साल का होता है।
  • इससे पहले लगातार दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहने की संवैधानिक बाध्यता के कारण व्लादिमीर पुतिन 2008 से 2012 तक रुस के प्रधान मंत्री रहे।
  • वहीं, पुतिन के आलोचकों का कहना है कि अपेक्षित नतीजे पाने के लिए मतदान में धांधली की गई।
  • वर्ष 1999 में बोरिस येल्तसिन के इस्तीफ़े के बाद व्लादिमीर पुतिन देश के राष्ट्रपति बने। सोवियत संघ के विघटन के बाद बोरिस येल्तसिन ने रूस की कमान संभाली थी।

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