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राजमार्गों पर मानव और पशु मृत्यु दर पर रोकथाम के लिए अभियान

राजमार्गों पर मानव और पशु मृत्यु दर पर रोकथाम’पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने संयुक्त रुप से एक जागरुकता अभियान का 5 जून 2020 को शुभारंभ किया। इस अभियान की शुरुआत करते हुए
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि-
* भारत में हर साल लगभग पांच लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लगभग 1.5 लाख लोगों की जान चली जाती है।
*सरकार 31 मार्च 2021 तक इन आंकड़ों में 20-25 प्रतिशत तक कमी लाने की दिशा में प्रयास कर रही है।
* पांच हजार से ज्यादा ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना के लिए संवेदनशील स्थानों) की पहचान की गई है और अनिवार्य रूप से अस्थायी तथा स्थायी उपायों सहित इनके सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं।
* अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्थायी उपाय करने के लिए ब्लैक स्पॉट्स में सुधार की प्रक्रिया से संबंधित एसओपी जारी कर दी गई हैं।
*अभी तक, 1,739 नए चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर अस्थायी उपाय और 840 नए चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर स्थायी उपाय पहले ही किए जा चुके हैं।
* मंत्रालय और उसके संगठन पशुओं के उपयोग के अनुकूल बुनियादी ढांचे तैयार करने पर बड़ी धनराशि व्यय कर रहे हैं।
*नागपुर-जबलपुर राजमार्ग में बाघों को मार्ग अधिकार (Right Of Way) देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की लागत से पुल (वाया-डक्ट) बनाए गए हैं।
*इसी प्रकार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा आदि के वन क्षेत्रों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इनमें पशुओं के विचरण, अंडरपास के निर्माण, एलिवेटेड कॉरिडोर (ऊंचे गलियारे) आदि के अनुकूल सड़क इंजीनियरिंग का अध्ययन करना शामिल है।
* अब नई सड़क परियोजनाओं को सड़कों के लिए हरित रेटिंग (Green Rating) प्रणाली अपनानी होगी, जिसे पहले ही आईआरसी परिषद पहले ही प्रकाशन के लिए स्वीकृति दे चुकी है। इसके अलावा, भारत के जैव भूगोल पर केन्द्रित हरित सड़कों के लिए मसौदा भी तैयार किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम

  • United Nations Development Programme- UNDP संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक विकास को समर्पित एजेंसी है।
  • इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है
  • यह एजेंसी गरीबी उन्मूलन, असमानता को कम करने हेतु लगभग 70 देशों में कार्य करता है।
  • इसके अलावा देश के विकास को बढ़ावा देने के लिये नीतियों, नेतृत्व कौशल, साझेदारी क्षमताओं तथा संस्थागत क्षमताओं को विकसित करने और लचीलापन बनाने में मदद करता है।

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