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मंगलयान ने लीं फोबोस की तस्वीरें

  • भारत के मंगलयान ने मंगल के सबसे बड़े चंद्रमा फोबोस (Phobos) की तस्वीरें खीची हैं।
  • यह फोटो मंगलयान में लगे मार्स कलर कैमरा (Mars Colour Camera (MCC) से 1 जुलाई 2020 को खींची गईं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • मंगल की पृथ्वी से दूरी लगभग 12 करोड़ किलोमीटर है।
  • तस्वीरें लेते समय मंगलयान मंगल ग्रह से 7200 किलोमीटर और फोबोस से 4200 किलोमीटर दूर था।
  • मंगल ग्रह के दो चंद्रमा हैं। एक का नाम फोबोस और दूसरे का डेमोस है। इनकी खोज आसफ हॉल ने वर्ष 1877 में की थी। फोबोस डेमोस से सात गुना बड़ा है।
  • फोबोस मंगल की सतह से लगभग 6,000 किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है, जबकि डिमोस मंगल से लगभग 23,460 किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है।
  • इसलिए, फोबोस को मंगल के अंतरतम प्राकृतिक उपग्रह के रूप में जाना जाता है, जबकि डीमोस सबसे बाहरी है।
  • मंगलयान द्वारा ली गई तस्वीर में फोबोस का सबसे बड़ा क्रेटर स्टिकनी (Stickney crater) है।
  • इसके अलावा फोबोस में तीन और क्रेटर स्लोवास्की (Slowski), रोश (Roche) और ग्रिलड्रिग (Grilldrug) हैं। ये क्रेटर आकाशीय पिंडों के टकराने से बने थे।

5 नवम्बर, 2013 को भेजा गया था मंगलयान

  • इसरो ने 5 नवंबर 2013 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी C-25 रॉकेट से मंगलयान (Mars Orbiter Mission, MOM) लॉन्च किया था।
  • 24 सितबंर, 2014 को मंगलयान को अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में स्थापित किया था।
  • पहले योजना थी कि इसे छह महीने तक ऑपरेट किया जाएगा। हालांकि, बाद में इसरो ने कहा कि इसमें पर्याप्त ईंधन है और यह कई सालों तक चल सकता है।
  • 450 करोड़ रुपए की लागत वाले इस मिशन को मंगल की सतह और वातावरण का अध्ययन करने के लिए भेजा गया था।

मंगलयान में पांच उपकरण लगे हैं

  • मंगलयान में पांच उपकरण लेमैन अल्फा फोटोमीटर (Lyman Alpha Photometer (LAP), मीथेन सेंसर फॉर मार्स Methane Sensor for Mars (MSM), मार्स एक्सोफेरिक न्यूट्रल कंपोजीशन एनालाइजर Mars Exospheric Neutral Composition Analyser (MENCA), मार्स कलर कैमरा (Mars Colour Camera (MCC) और थर्मल इंफ्रारेड इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर (Thermal Infrared Imaging Spectrometer (TIS) लगाए गए हैं।

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