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औषधकोष आयोग की पुनर्स्थापना को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आयुष मंत्रालय के अंतर्गत अधीनस्‍थ कार्यालय के रूप में ‘भारतीय औषध और होम्‍योपैथी के लिए औषधकोष आयोग’ (Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy (PCIM&H)  की पुर्न स्‍थापना को अपनी मंजूरी दे दी है। इसमें गाजियाबाद में 1975 से स्‍थापित दो केन्‍द्रीय प्रयोगशालाओं- फार्माकोपीआ लेबोरेट्री फॉर इंडियन मेडिसिन (Pharmacopoeia Laboratory for Indian Medicine (PLIM) और होम्‍योपैथिक औषधकोष लेबोरेट्री (Homoeopathic Pharmacopoeia Laboratory (HPL) का विलय कर दिया गया है।
वर्तमान में 2010 से स्‍थापित आयुष मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय औषध और होम्‍योपैथी (PCIM&H) के लिए औषधकोष आयोग एक स्‍वयत्‍तशासी संगठन है। विलय का उद्देश्‍य तीनों संगठनों की बुनियादी ढांचा सुविधाओं, तकनीकी मानव श्रम और वित्‍तीय संस्‍थानों का अधिकतम इस्‍तेमाल करना है ताकि आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्‍योपैथी दवाओं के नतीजों के मानकीकरण में वृद्धि की जा सके जिससे प्रभावी नियंत्रण और गुणवत्‍ता नियंत्रण की दिशा में बढ़ा जा सकेगा।
औषधियों की सूची का संकलन तथा उनके गुण, प्रभाव आदि और निर्माणविधि का वर्णन जिस ग्रंथ में किया गया है उसको औषधकोष (फार्माकोपीआ ) कहते हैं।

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