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भारत का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता पोर्टल लॉन्च

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय,भारत सरकार ने www.ai.gov.in नामक भारत का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता पोर्टल (National AI Portal of India) लॉन्च किया है। इस पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज़न और ‘नैसकॉम’ (NASSCOM) मिलकर चलायेंगे।
यह पोर्टल भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence,AI) से संबंधित विकास के लिए वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। यह पोर्टल दस्तावेजों, केस स्टडीज, शोध रिपोर्टों आदि को भी साझा करेगा।
इसमें एआई से संबंधित शिक्षण और नई नौकरी की भूमिकाएं भी शामिल हैं। यह पोर्टल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रसारण मंत्रालय और आईटी उद्योग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
इसके साथ ही युवाओं के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम, “युवाओं के लिए जिम्मेदार एआई” की भी शुरुआत की गई है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे देश के युवा छात्रों को एक मंच देना है और उन्हें उपयुक्त नए युग के तकनीकी दिमाग, प्रासंगिक एआई कौशल-सेट और आवश्यक एआई टूल-सेट तक पहुंच प्रदान करना है ताकि उन्हें भविष्य के लिए डिजिटल रूप से तैयार किया जा सके।
नैसकॉम
नैसकॉम (National Association of Software and Services Companies -NASSCOM) भारत के सूचना प्रौद्योगिकी तथा बीपीओ का एक व्यापारिक संघ है। इसकी स्थापना वर्ष 1988 में हुई थी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत
क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ है एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें एक ऐसा दिमाग बनाया जाता है, जिसमें कंप्यूटर सोच सके और निर्णय ले सके।इसके विकास की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक जॉन मैकार्थी के अनुसार यह बुद्धिमान मशीनों, विशेष रूप से बुद्धिमान कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने का विज्ञान और अभियांत्रिकी है अर्थात् यह मशीनों द्वारा प्रदर्शित की गई इंटेलिजेंस है।

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