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डेयरी किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड देगी सरकार

केन्द्र सरकार ने आत्म निर्भर भारत पैकैज को व्यापक करने के लिए दुग्ध संघों और दुध उत्पादन से जुड़े 1.5 करोड़ डेयरी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्रदान करेगी। डेयरी सहकारी आंदोलन के तहत देश भर में 230 दुग्ध संघों में लगभग 17 करोड़ डेयरी किसान जुड़े हुए हैं।
इस अभियान के प्रथम चरण में उन सभी किसानों को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य है जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य हैं साथ ही विभिन्न दुग्ध संघों से जुड़े हैं और जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है।
जिन किसानों के पास पहले से ही भूमि स्वामित्व के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड है, वह अपनी क्रेडिट सीमा को बढ़ा सकते हैं, लेकिन ब्याज सबवेंशन (interest subvention) केवल 3 लाख रुपए की सीमा तक ही उपलब्ध रहेगा।
केसीसी क्रेडिट के लिए बिना गारंटी (बंधक) के सामान्य सीमा 1.6 लाख रुपए ही रहेगी। जिन किसानों का दूध सीधे दुग्ध संघ द्वारा हासिल किया जाता है और जिसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं होता है उनके लिए बिना गारंटी लोन सीमा 3 लाख तक हो सकती है। इसमें दुग्ध संघों से जुड़े डेयरी किसानों के लिए ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और बैंको को उनका लोन चुकाने की उम्मीद बढ़ जाएगी।
1.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करना किसानों के लिए प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का भाग है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 मई 2020 को KCC योजना के तहत 2.5 करोड़ नए किसानों को शामिल करने की घोषणा की थी।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी। इसमें फसल कटाई के बाद के खर्चों, विपणन हेतु ऋण, किसान परिवारों की उपभोग संबंधी आवश्यकताओं, कृषि परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिये कार्यशील पूंजी और कृषि से संबद्ध गतिविधियों, कृषि क्षेत्र में निवेश ऋण की आवश्यकता को शामिल किया गया है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC) को वाणिज्यिक बैंकों, RRBs, लघु वित्त बैंकों (Small Finance Banks) और सहकारी संस्थाओं द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। इसके तहत लिए गए लोन को यदि किसान ने समय पर चुकाया तो उसे 2 से 4 प्रतिशत तक कम ब्याज चुकाना होता है।
ब्‍याज सबवेंशन (छूट) योजना
यह नीति वर्ष 2006-07 से लागू हुई इस नीति का लक्ष्य किसानों को 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का अल्पकालिक फसली ऋण प्रदान करना है।ऋणदाता  संस्थान जैसे- PSBs और निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंक सरकार द्वारा प्रस्तावित 2 प्रतिशत का ब्‍याज सबवेंशन प्रदान करते हैं।ब्‍याज सबवेंशन योजना (Interest Subvention Scheme) का क्रियान्वयन नाबार्ड और RBI द्वारा किया जा रहा है।

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