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अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण का गठन

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSC) में सभी वित्तीय सेवाओं को विनियमित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण(International Financial Services Centres Authority,IFSCA) की स्थापना की है। इस एकीकृत प्राधिकरण का मुख्यालय गुजरात के गांधीनगर में होगा।
इस समय आईएफएससी में बैंकिंग, पूंजी बाजार और बीमा क्षेत्रों को कई नियामक – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) – विनियमित करते हैं। IFSC में कारोबार की गतिशील प्रकृति के कारण नियामकों के बीच अत्यधिक समन्वय की आवश्यकता है। IFSC में वित्तीय गतिविधियों का नियंत्रण करने वाले मौजूदा नियामकों में स्पष्टीकरणों तथा संशोधनों की भी आवश्यकता है।
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, ‘‘केंद्र सरकार ने 27 अप्रैल 2020 को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की स्थापना की है और इस प्राधिकरण का मुख्य कार्यालय गांधीनगर, गुजरात में होगा।’इस प्राधिकरण में केंद्र द्वारा नियुक्त नौ सदस्य होंगे। इनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा जिसके बाद इनकी दोबारा नियुक्ति की जा सकती है।
प्राधिकरण के कार्य:

  • किसी IFSC में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों, जिन्हें विधेयक के लागू होने से पहले किसी विनियामक (जैसे- RBI या सेबी) द्वारा मंज़ूरी प्रदान की गई हो, को विनियमित करना।
  • किसी IFSC में वित्तीय उत्पादों, सेवाओं या संस्थानों को रेगुलेट करना, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए।
  • उन वित्तीय सेवाओं, उत्पादों और संस्थानों के संबंध में केंद्र सरकार को सुझाव देना, जिन्हें IFSC में मंज़ूर किया जा सके।

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