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ग्रेट बैरियर रीफ में बढ़ते तापमान की वजह से व्यापक रूप से प्रवाल विरंजन

विश्व पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले ग्रेट बैरियर रीफ को जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप बढ़ते तापमान की वजह से व्यापक रूप से प्रवाल विरंजन (क्षरण) होने से बहुत नुकसान पहुंचा है। आस्ट्रेलिया के जेम्स कुक विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अब तक व्यापक विरंजन से बची प्रवाल भित्तियों की संख्या पांच विरंजन घटनाओं के बाद घटती जा रही है।
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार मार्च के आखिर दो सप्ताहों में आसमान से बैरियर रीफ क्षेत्र में 1036 प्रवाल भित्तियों का सर्वेक्षण किया और विरंजन से हुए नुकसान का जायजा लिया। पहली बार ग्रेट बैरियर रीफ के सभी तीनों क्षेत्रों–उत्तरी, मध्य एवं अब दक्षिण के बहुत विस्तृत क्षेत्रों में बहुत विरंजन हुआ है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि गर्मियों के दौरान समुद्र के तापमान में असामान्य वृद्धि के चलते तापीय दबाव से प्रवाल भित्तियों का क्षरण हुआ है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 में पहली बार ग्रेट बैरियर रीफ में प्रवाल विरंजन की घटना को देखा गया था तब से तापमान में वृद्धि जारी है जिससे प्रवाल को ठीक होने के लिये अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं मिली।पहली बार वर्ष 2016 में ग्रेट बैरियर रीफ के उत्तरी क्षेत्र में व्यापक प्रवाल विरंजन हुआ था वहीं वर्ष 2017 में तापमान में वृद्धि के कारण इसके मध्य क्षेत्र में व्यापक प्रवाल विरंजन की घटना दर्ज की गई। इस वर्ष प्रवाल विरंजन की यह विस्तार प्रक्रिया इसके दक्षिणी क्षेत्र में फैल गई है।
ग्रेट बैरियर रीफ (Great Barrier Reef):
ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर स्थित ग्रेट बैरियर रीफ विश्व की सबसे बड़ी एवं प्रमुख अवरोधक प्रवाल भित्ति है।
यह ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के उत्तर-पूर्वी तट में मरीन पार्क के समानांतर 1400 मील तक फैली हुई है।
इसे वर्ष 1981 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया था।

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