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विस्तार की संभावना के कारण G-7 समिट सितंबर तक के लिए स्थगित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 46 वें G-7 शिखर संम्मेलन (46th G7 summit) को सितंबर, 2020 तक के लिए टाल दिया है। उन्होंने इसके विस्तार करने की संभावना जताते हुए यह निर्णय लिया है। जून 2020 के अंत में में होने वाले प्रस्तावित शिखर संम्मेन को फिलहाल स्थगित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इसमें भारत, रूस, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करना चाहते हैं। उन्होंने ने वर्तमान G-7 फॉर्मैट को आउटडेटेड (पुराना) बताया है। उल्लेखनीय है कि G-7 समिट पहले 10 से 12 जून के बीच वॉशिंगटन में होनी थी। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से बाद में इसे जून के अंत तक के लिए शिफ्ट कर दिया गया था।
G-7 से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • G-7 अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, जापान और जर्मनी का समूह है। अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF) के अनुसार G 7 विश्व की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाएं हैं। यह वैश्विक नेट वर्थ के 58% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। G-7 देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 46% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • समूह स्वयं को “Community of Values” यानी मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मानता है। स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और क़ानून का शासन और समृद्धि और सतत विकास, इसके प्रमुख सिद्धांत हैं।
  • शुरुआत में यह छह देशों का समूह था, जिसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट के संभावित समाधानों पर विचार किया गया था। 1976 में कनाडा इस समूह में शामिल हो गया और इस तरह यह G-7 बन गया।
  • 1998 में इस समूह में रूस भी शामिल हो गया था और यह G-7 से G-8 बन गया था। लेकिन 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया के अधिग्रहण के बाद रूस को समूह से निलंबित कर दिया गया था।

चीन इस समूह का हिस्सा क्यों नहीं है?
चीन दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवथा है, फिर भी वह इस समूह का हिस्सा नहीं है। इसकी वजह यह है कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रहती हैं और प्रति व्यक्ति आय संपत्ति G-7 समूह देशों के मुक़ाबले बहुत कम है।
ऐसे में चीन को उन्नत या विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है, जिसकी वजह से यह समूह में शामिल नहीं है। हालांकि चीन G-20 देशों के समूह का हिस्सा है, इस समूह में शामिल होकर वह अपने यहां शंघाई जैसे आधुनिकतम शहरों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहा है।
G-7 शिखर सम्मेलन

  • G-7 देशों के मंत्री और नौकरशाह आपसी हितों के मामलों पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक वर्ष शिखर संम्मेलन में एकत्र होते हैं।
  • प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से इस समूह की अध्यक्षता करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है।
  • शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है।
  • सम्मलेन में G-7 देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • 2019 में इसका शिखर सम्मेलन 24-26 अगस्त 2019 को फ्रांस के बियारित्ज शहर में हुआ था।

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