Follow Us On

देश का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 500 अरब डालर के पार

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार ( foreign exchange reserves ) पांच जून को समाप्त हुए सप्ताह में 8.22 अरब डॉलर बढ़कर अब 501.70 अरब डॉलर हो गया है।
विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Assets, FCA) में भारी वृद्धि के चलते विदेशी मुद्रा भंडार में यह वृद्धि हुई है।  इस तरह अब देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक साल के आयात खर्च के बराबर हो गया है।
उल्लेखनीय है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 500 अरब डॉलर को पार कर गया है जो एक सप्ताह में 8 अरब डॉलर बढ़ा है। यह 28 सितंबर 2007 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि है।
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का यह भी मतलब है कि देश का आयात कवर भी सुधर रहा है। 22 मई को जब आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा की थी तो उसका भंडार 486 अरब डॉलर पर था जो एक साल के आयात को कवर करने के लिहाज से उचित था।
मुद्रा भंडार के संचयन के साथ आयात कवर में और सुधार आया। 12 जून 2020 को जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (463.63 अरब डॉलर), सोना (32.35 अरब डॉलर), आईएमएफ के विशेष आहरण अधिकार यानी SDR (1.44 अरब डॉलर) और आईएमएफ में आरक्षित (4.28 अरब डॉलर शामिल हैं)।
विदेशी मुद्रा भंडार क्या होता है?
किसी देश/अर्थव्यवस्था के पास उपलब्ध कुल विदेशी मुद्रा उसकी विदेशी मुद्रा भंडार(Foreign Exchange Reserves) कहलाती है। विदेशी मुद्रा भंडार में निम्नलिखित 4 संपत्तियां शामिल होती हैं-
1-विदेशी परिसंपत्तियाँ (Foreign Currency Assets: विदेशी कंपनियों के शेयर, डिबेंचर, बाण्ड इत्यादि विदेशी मुद्रा में)
2-स्वर्ण भंडार
3-IMF के पास रिज़र्व कोष (Reserve Trench)
4-विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights-SDR)
*भारत, विश्व में सबसे अधिक विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला पांचवा देश है। विश्व के सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाले देश क्रमश: चीन, जापान, स्विटजरलैंड, रुस और भारत हैं।
विशेष आहरण अधिकार
विशेष आहरण अधिकार ((Special Drawing Rights- SDR) को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund-IMF) द्वारा 1969 में अपने सदस्य देशों के लिये अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति के रूप में बनाया गया था।
SDR न तो एक मुद्रा है और न ही IMF पर इसका दावा किया जा सकता है।
SDR का मूल्य, बास्केट ऑफ करेंसी में शामिल मुद्राओं के औसत भार के आधार पर किया जाता है। इस बास्केट में पाँच मुद्राएँ शामिल हैं- अमेरिकी डॉलर (Dollar), यूरोपिन यूनियन का यूरो (Euro), चीन की मुद्रा रॅन्मिन्बी (Renminbi), जापानी येन (Yen), ब्रिटेन का पाउंड (Pound)।

Related Posts

Leave a Reply