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वित्त विधेयक-2020 लोकसभा से पारित

लोकसभा ने 23 मार्च 2020 को वित्त विधेयक (Finance Bill) 2020  को बिना चर्चा के पारित कर दिया जिसके साथ ही संसद में आम बजट 2020-21 पारित होने की प्रकिया पूरी हो गई।विधेयक को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में प्रस्तुत किया।
विधेयक की मुख्य विशेषताएं
यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2020-21 के वित्तीय प्रस्ताव प्रदान करता है। इस बिल पारित होने के साथ केंद्रीय बजट 2020-21 के तहत किए गए प्रस्ताव लागू हो गए हैं। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 30,42,230 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह 2019-20 के संशोधित अनुमान से 12.7% अधिक है।
इस विधेयक में कई संशोधन किए गए हैं। इस विधेयक के द्वारा कुछ ऐसी सुविधाएँ वापस ले लीं गयी हैं जो अप्रवासी भारतीयों को प्रभावित करती हैं। अब भारत में अप्रवासी भारतीयों स्वामित्व वाले व्यवसाय से जिसे 15 लाख से अधिक की आय प्राप्त होती है, वे कर के दायरे में आयेंगे। हालांकि, उनकी वैश्विक आय पर कर नहीं लगाया जाएगा।
क्या होता है वित्त विधेयक ?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 117(1) और 117(2) में वित्त विधेयक का उल्लेख किया गया है। ऐसे सभी विधेयक जिनका संबंध वित्तीय मामलों से होता है वित्त विधेयक कहलाते हैं। इस विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के बाद लोकसभा में पेश किया जाता है। धन विधेयक की तुलना में इसमें राज्यसभा को भी पर्याप्त शक्ति प्राप्त होती है।सभी धन विधेयक वित्त विधेयक का हिस्सा होते हैं, पर सभी वित्त विधेयक धन विधेयक हों ऐसा जरूरी नहीं है।

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