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चर्चा में क्यों?

  • 15 जुलाई 2020 को पंद्रहवां यूरोपीय संघ- भारत शिखर सम्मेलन वर्चुअल आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ऑनलाइन शिखर संम्मेलन का नेतृत्व भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ की ओर से यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशाएल और यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लाएन ने किया।
  • उच्चस्तरीय संवाद का लक्ष्य व्यापार और निवेश समझौतों में प्रगति, व्यापार बाधाओं को दूर करना और दोनों पक्षों के व्यापारियों और निवेशकों की स्थिति सुधारने के साथ सप्लाई चेन के संबंधों पर बातचीत करना है।
  • यूरोपीय संघ भारत का 2017- 18 में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है और दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने 115 अरब डॉलर का पारस्परिक कारोबार किया है।

व्यापार समझौते पर बातचीत शीघ्र

  • व्यापार समझौते पर बातचीत अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकती है। प्रस्तावित व्यापक व्यापार और निवेश समझौता (Bilateral Trade and Investment Agreement (BTIA) पर बातचीत जून 2007 में शुरू हुई। लेकिन दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेदों के कारण बातचीत में अड़चनें आयीं।
  • दोनों पक्षों ने संगठित अपराध और आतंकवाद को रोकने तथा निपटने के लिये भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की जांच एजेंसियों की मदद को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और यूरोपोल के बीच कामकाज की व्यवस्था को लेकर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया।

रूपरेखा, 2025 (Roadmap to 2025)

  • रूपरेखा, 2025 में दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र में आजादी को संरक्षित रखने, खुलेपन और समावेशी रूख के लिये हिंद महासागर के साथ-साथ प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बनाये रखने के लिये साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया।
  • दस्तावेज में संबंधों को बढ़ाने के लिये बाह्य अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा, अनुसंधान तथा नवप्रवर्तन, व्यापार और निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण समेत विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र किया गया है।

असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर

  • भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 13 साल की वार्ता के बाद एक असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।
  • इस समझौते में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए अनुसंधान और विकास सहित असैनिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सहयोग के प्रावधान किए गए हैं।

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