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दिल्ली सरकार का वर्ष 2020-21 का बजट पारित

दिल्ली सरकार के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने 23 मार्च 2020 को विधानसभा में आगामी वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। कोरोना वायरस से उत्पन्न आपात स्थिति के कारण बजट पेश करने के बाद उसे पारित करने की औपचारिकता भी तुरंत पूरी की गई। 2019 की तुलना में इस बार दिल्ली का बजट 5000 करोड़ रुपये अधिक है। विगत वर्षो की तरह सरकार का इस बार भी शिक्षा पर पूरा जोर है। पूरे बजट का करीब एक चौथाई भाग शिक्षा के लिए आवंटित किया गया है।
बजट के  मुख्य बिंदु
शिक्षा-
दिल्ली में पृथक राज्य शिक्षा बोर्ड का गठन होगा, अभी तक यहां के सरकारी स्कूल सीबीएई के द्वारा संचालित होते हैं।
तीन से छह साल के बच्चों के लिए कानून लाया जाएगा।
बच्चों के वर्ष 2034 की दुनिया के लिए बच्चों को तैयार करने पर जोर दिय़ा गया है।
डिजिटल क्लास रूम के लिए 100 करोड़ का प्रावधान।
145 स्कूल ऑफ एक्सिलेंस खोले जाएंगे।
2024 में हैप्पीनेस क्लास को विश्व की शिक्षा के नक्शे पर लाने की घोषणा।
देशभक्ति का पाठ्यक्रम लाने की घोषणा। बड़ी क्लास के सभी बच्चों को अखबार देंगे।
स्वास्थ्य
केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू करेगी दिल्ली सरकार।
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए 53 करोड़ का प्रावधान।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की घोषणा।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना
सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत निजी लैब में नि:शुल्क रेडियोलॉजी से संबंधित जांच व निजी अस्पतालों में नि:शुल्क सर्जरी की योजना शामिल होगी। फिलहाल सरकार यह सुविधा दिल्ली आरोग्य कोष के माध्यम से उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के लिए सरकार ने 125 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 1016 सर्जरी के पैकेज शामिल किए गए हैं। सभी लोगों को मुख्यमंत्री हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। गैर पंजीकृत केंद्रों या गैर पंजीकृत मशीन द्वारा भ्रूण परीक्षण करने वालों की सूचना देने वाले लोगों को 50 हजार रुपये और रोगी बनकर स्टिंग करने वालों को डेढ लाख रुपये पुरस्कार मिलेगा।

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