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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

बराख : संयुक्त अरब अमीरात(UAE) का पहला परमाणु संयंत्र

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में बराख परमाणु संयंत्र (Barakah Nuclear Power Plant) की पहली इकाई के क्रिटिकल होने के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अरब जगत में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन वाला पहला देश बन गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह परमाणु रिएक्टर अबू धाबी से 280 किमी दूर स्थित है।
  • नए संयंत्र के कामकाजी होने के बाद अब यूएई की तेल और गैस पर निर्भरता कम हो जाएगी।
  • अमीरात न्यूक्लियर एनर्जी कॉर्पोरेशन (ENEC) और कोरिया इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (KEPCO) के एक संयुक्त उद्यम में विकसित इस रिएक्टर का अर्थ अरबी में “आशीर्वाद” है।
  • रिएक्टर में 1,400-मेगावॉट के दबाव वाले पानी के रिएक्टर द्वारा ऊर्जा उत्पन्न की जाएगी, जिसे दक्षिण कोरिया में डिज़ाइन किया गया है, जिसे APR-1400 कहा जाता है।
  • फिलहाल चार रिएक्टरों में से केवल एक ही काम कर रहा है, हालांकि, देश का उद्देश्य 2023 तक अपने सभी चार रिएक्टरों का परिचालन शुरु करना है।
  • यह लगभग 5.6 गीगावाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा जो देश की एक चौथाई बिजली की देश की ज़रुरत को पूरा करेगा।

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योजना/परियोजना

भारत एयर फाइबर सेवा

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में महाराष्ट्र के अकोला में ‘भारत एयर फाइबर सेवाओं’ (Bharat Air Fiber Services) का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत एयर फाइबर सेवाओं के उद्घाटन के साथ ही, अकोला और वाशिम जिले के निवासी मांग के आधार पर वायरलेस इंटरनेट कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे।
  • भारत एयर फाइबर सेवाएं बीएसएनएल द्वारा भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहलों के एक हिस्से के रूप में प्रस्तुत की गई हैं और इसका लक्ष्य बीएसएनएल स्थान से 20 किमी के दायरे में वायरलेस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
  • इससे दूरदूराज के स्थान के ग्राहक भी लाभान्वित हो सकेंगे क्योंकि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पाटनर्स (Telecom Infrastructure Partners (TIPs) की सहायता से बीएसएनएल सबसे सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराती है।

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‘खादी अगरबत्ती आत्म-निर्भर मिशन’

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केन्द्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री नितिन गडकरी ने अगरबत्ती उत्पादन में भारत को आत्म-निर्भर बनाने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KCIC) द्वारा प्रस्तावित एक विशेष रोजगार सृजन कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ‘खादी अगरबत्ती आत्म-निर्भर मिशन’ नाम के इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में बेरोजगारों और प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा करना और घरेलू अगरबत्ती उत्पादन में पर्याप्त तेजी लाना है।
  • निजी सार्वजनिक मोड पर केवीआईसी द्वारा बनाई गई यह योजना इस मायने में अद्वितीय है कि बहुत कम निवेश में ही यह स्थायी रोजगार का सृजन करेगा और निजी अगरबत्ती निर्माताओं को उनके बिना किसी पूंजी निवेश के अगरबत्ती का उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी।
  • इस योजना के तहत, केवीआईसी सफल निजी अगरबत्ती निर्माताओं के माध्यम से कारीगरों को अगरबत्ती बनाने की स्वचालित मशीन और पाउडर मिक्सिंग मशीन उपलब्ध कराएगा जो व्यापार भागीदारों के रूप में समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
  • केवीआईसी ने केवल स्थानीय रूप से भारतीय निर्माताओं द्वारा निर्मित मशीनों की खरीद का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी है।
  • केवीआईसी मशीनों की लागत पर 25% सब्सिडी प्रदान करेगा और कारीगरों से हर महीने आसान किस्तों में शेष 75% की वसूली करेगा।
  • व्यापार भागीदार कारीगरों को अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराएगा और उन्हें काम के आधार पर मजदूरी का भुगतान करेगा।
  • कारीगरों के प्रशिक्षण की लागत केवीआईसी और निजी व्यापार भागीदार के बीच साझा की जाएगी, जिसमें केवीआईसी लागत का 75% वहन करेगा, जबकि 25% व्यापार भागीदार द्वारा भुगतान किया जाएगा।
  • देश में अगरबत्ती की वर्तमान खपत लगभग 1490 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। हालांकि, भारत में अगरबत्ती का उत्पादन प्रतिदिन केवल 760 मीट्रिक टन ही है। मांग और आपूर्ति के बीच बहुत बड़ा अंतर है। इसलिए, इसमें रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

मोतियाबिंद की सरल, सस्ती और बिना ऑपरेशन के इलाज की तकनीक विकसित

चर्चा में क्यों?

  • नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान ( Nano Science & Technology (INST) के वैज्ञानिकों ने मोतियाबिंद की सरल, सस्ती और बिना ऑपरेशन के इलाज की तकनीक विकसित की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आने वाले एक स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने गैर-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (nonsteroidal anti-inflammatory drug)-एनएसएआईडी एस्पिरिन (NSAID Aspirin) से नैनोरोड विकसित किया है जो मोतियाबिंद के खिलाफ एक प्रभावी  नैनोथेरेप्यूटिक्स है।
  • एस्पिरिन नैनोरोड क्रिस्टलीय प्रोटीन और इसके विखंडन से प्राप्त विभिन्न पेप्टाइड्स के एकत्रीकरण को रोकता है, जो मोतियाबिंद बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्या है मोतियाबिंद?

  • मोतियाबिंद (Cataract ) अंधेपन का एक प्रमुख रूप है जो तब होता है जब हमारी आंखों में लेंस बनाने वाले क्रिस्टलीय प्रोटीन की संरचना बिगड़ जाती है, जिससे क्षतिग्रस्त या अव्यवस्थित प्रोटीन एकत्र होकर एक और नीली या भूरी परत बनाते हैं, जो अंततः लेंस की पारदर्शिता को प्रभावित करता है।
  • इससे जहां आंखों में दूधिया प्रभाव के कारण दृष्टि धुंधली हो जाती है वहीं आंखों पर धुंधला बिम्ब बनता है । जिसकी वजह से रोगी को रात में और तेज रोशनी में देखने में मुश्किल होती है।
  • इस प्रकार, इन समुच्चयों के गठन के साथ-साथ रोग की प्रगति के प्रारंभिक चरण में रोकना मोतियाबिंद की एक प्रमुख उपचार रणनीति है, और इस कार्य के लिए सामग्री मोतियाबिंद की रोकथाम को सस्ती और सुलभ बना सकती है।

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मैक्सिको की खाड़ी में उतरा स्पेस एक्स कैप्सूल

चर्चा में क्यों?

  • 02 अगस्त, 2020 को स्पेसएक्स (SpaceX) का ड्रैगन क्रू (Crew Dragon) कैप्सूल मैक्सिको की खाड़ी में उतरा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस कैप्सूल को 31 मई, 2020 को अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी स्पेस एक्स (SpaceX) ने नासा के ‘कैनेडी स्पेस सेंटर’ से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिये लॉन्च किया था।
  • इसमें अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बॉब बेहेनकेन (Bob Behnken) और डग हर्ले (Doug Hurley) दो महीने की यात्रा के बाद 02 अगस्त, 2020 को वापस आ गए।
  • ड्रैगन अंतरिक्ष यान के द्वारा वर्ष 2011 में नासा के शटल कार्यक्रम के सेवानिवृत्त होने के बाद पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अमेरिकी धरती से अंतरिक्ष यात्रियों को लॉन्च किया गया था।
  • इसके बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन में लॉन्च करने के लिये रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर निर्भर था।
  • 45 वर्ष में ऐसा पहली बार हुआ है जब नासा का कोई अंतरिक्ष यात्री समुद्र में उतरा हो।

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सार्स-कोव-2 की पहली ‘संपूर्ण भारत 1000 जीनोम सीक्वेंसिंग’ का सफल समापन

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने हाल ही में सार्स-कोव-2 (SARS- COV-2) की पहली संपूर्ण भारत 1000 जीनोम सीक्वेंसिंग (PAN-India 1000 Genome sequencing of SARS- CoV-2) के सफल समापन की घोषणा की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने इस वर्ष मई में संपूर्ण भारत 1000 सार्स-कोव-2 आरएनए जीनोम सीक्वेंसिंग प्रोग्राम लॉन्च किया था जिसे राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं एवं क्लिनिकल संगठनों के सहयोग से डीबीटी के स्वायत्तशासी संस्थानों द्वारा किया जाना है।
  • कंसोर्टियम ने रियल टाइम पीसीआर द्वारा कोविड-19 के लिए पॉजिटिव पाए जाने वाले व्यक्तियों से संग्रहित नैसोफारिनजीएल (nasopharyngeal) तथा ओरोफारिनजीएल स्वैब (oropharyngeal swabs) से 1000 सार्स-कोव-2 जीनोम की सेक्वेंसिंग पूरा करने का आरंभिक लक्ष्य अर्जित कर लिया है।
  • नमूनों को भारत के भीतर विभिन्न जोनों को कवर करते हुए 10 राज्यों से संग्रहित किया गया था।

क्या होता है जीनोम सीक्वेंसिंग?

  • जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के तहत DNA के भीतर न्यूक्लियोटाइड के सटीक क्रम का पता लगाया जाता है।
  • इसके अंतर्गत DNA में मौज़ूद चारों तत्त्वों- एडानीन (A), गुआनीन (G), साइटोसीन (C) और थायमीन (T) के क्रम का पता लगाया जाता है।
  • DNA अनुक्रमण विधि से लोगों की बीमारियों का पता लगाकर उनका समय पर इलाज करना और साथ ही आने वाली पीढ़ी को रोगमुक्त करना संभव है।

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स्वास्थ्य एवं पोषण

इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (EVIN)

चर्चा में क्यों?

  • इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (EVIN) ने कोविड महामारी के दौरान आवश्यक प्रतिरक्षण सेवाएं सुनिश्चित की हैं।

महत्वपूर्ण बिंदिु

  • इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (Electronic Vaccine Intelligence Network (eVIN) एक नवीन तकनीकी समाधान है जिसका उद्देश्य देश भर में टीकाकरण आपूर्ति श्रृंखला प्रणालियों को मजबूत करना है।
  • इसका कार्यान्वयन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत किया जा रहा है।
  • ईवीआईएन का लक्ष्य देश के सभी कोल्ड चेन पॉइंट्स पर वैक्सीन के भंडार तथा बाजार में उपलब्धता और भंडारण तापमान पर वास्तविक समय की जानकारी देना है।
  • कोविड महामारी के दौरान जरूरी अनुकूलन के साथ आवश्यक प्रतिरक्षण सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने और हमारे बच्चों तथा गर्भवती माताओं को टीके से बचाव योग्य बीमारियों से बचाने के लिए इस मजबूत प्रणाली का उपयोग किया गया है।
  • फिलहाल ईवीआईएन 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) तक पहुंच चुका है और जल्द ही शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लद्दाख और सिक्किम में पहुंच जाएगा।

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निधन

अमर सिंह

  • लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे समाजवादी पार्टी (एसपी) के पूर्व नेता अमर सिंह (Amar Singh) का 1 अगस्त 2020 को 64 साल की उम्र में निधन हो गया ।
  • अमर सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद थे। 5 जुलाई 2016 को उन्हें उच्च सदन के लिए चुना गया था।
  • उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1996 में राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के साथ ही हुई थी।

 
 
 

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