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Daily Current Affairs 29 May 2021

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

ओपन स्काइ संधि में शामिल नहीं होगा अमेरिका

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका ने हाल ही में रूस को सूचित किया कि अमेरिका ओपन स्काइ संधि में फिर से शामिल नहीं होगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अमेरिका ने रूस को यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है जब दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच अगले महीने होने वाली शिखर बैठक की तैयारी कर रहे हैं।
  • अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन ने रूस के अधिकारियों को बताया कि अमेरिकी प्रशासन ने ओपन स्काई संधि में फिर से प्रवेश नहीं करने का फैसला किया है, जिसके तहत दोनों देशों में सैन्य इकाइयों पर निगरानी उड़ानों की अनुमति थी।
  • इस संधि से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को अलग कर लिया था।

ओपन स्काई संधि’ (Open Skies Treaty-OST): 

  • पहली बार 1955 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर द्वारा शीत युद्ध के दौरान तनाव को कम करने के साधन के रूप में इस संधि को प्रस्तावित किया गया था।
  • 1992 में नाटो सदस्यों और पूर्व वारसॉ संधि देशों के बीच सोवियत संघ के निधन के बाद ऐतिहासिक संधि पर फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी हस्ताक्षर किए गए थे।
  • यह 2002 में प्रभावी हुआ और इसमें 35 हस्ताक्षरकर्ता थे, जिनमें प्रमुख अमेरिका और रूस के साथ-साथ एक गैर-अनुमोदन सदस्य (किर्गिस्तान) शामिल थे।
  • इस संधि पर मार्च 1992 में फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी (Helsinki) में हस्ताक्षर किये गए थे।
  • यह संधि वर्ष 2002 में पूर्णरूप से लागू हुई थी।
  • संधि के तहत, एक सदस्य देश के दूसरे देश किसी भी हिस्से पर सहमति से “जासूसी” कर सकता है।
  • एक देश 72 घंटे पहले नोटिस देकर और 24 घंटे पहले अपने सटीक उड़ान पथ को साझा करने के बाद मेजबान राज्य पर हवाई इमेजिंग कर सकता है।
  • भारत इसका सदस्य नहीं है।

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इज़राइल और फिलिस्तीन के मुद्दे पर यूएनएचआरसी में मतदान

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में इज़राइल और फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद UNHRC) में मतदान हुआ। भारत, इस वोटिंग प्रक्रिया में अनुपस्थित रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • फिलस्तीन की गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के दौरान कथित उल्लंघनों और अपराधों की जांच शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के प्रस्ताव पर वोट डालने से भारत समेत 14 देश अनुपस्थित रहे हैं।
  • हालांकि यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के विशेष सत्र में पारित हो गया है। क्योंकि 24 देशों ने इसके पक्ष में वोट डाला है, जबकि 9 देशों ने इसका विरोध किया है।
  • यूएनएचआरसी के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले देशों में चीन और रूस भी हैं।

भारत का पक्ष

  • हालांकि यूएनएचआरसी के इस विशेष सत्र में भारत ने कहा कि भारत गाजा में इजरायल और सशस्त्र समूह के बीच संघर्ष विराम में सहयोग देने वाले क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है।
  • इसके अतिरिक्त, भारत सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और उन कदमों से गुरेज करने की अपील करता है जो तनाव बढ़ाते हों। साथ ही ऐसे प्रयासों से परहेज करने को कहता है जो पूर्वी यरुशलम और उसके आस-पड़ोस के इलाकों में मौजूदा यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के लिए हों।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC)

  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC), संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अंतर्गत एक अंतरसरकारी निकाय है।
  • वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 15 मार्च, 2006 को संकल्प 60/251 के माध्यम से इसकी स्थापना की थी।
  • इसने पूर्ववर्ती मानव अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र आयोग का स्थान लिया है।
  • यह दुनियाभर में मानव अधिकारों के प्रचार और संरक्षण को मजबूत बनाने और मानवाधिकार उल्लंघन की स्थितियों को संबोधित करने तथा उन पर सिफ़ारिश करने के लिए जिम्मेदार है।
  • UNHRC का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड है।

संरचना

  • UNHRC में 47 सदस्य हैं। इन सदस्यों का चयन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा बहुमत के आधार पर प्रत्यक्ष और गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाता है।
  • महासभा द्वारा सदस्यों के चयन के मामले में मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण में उम्मीदवारों राज्यों के योगदान के साथ-साथ इस संबंध में उनकी स्वैच्छिक प्रतिज्ञाओं और प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखा जाता है।
  • मानवाधिकार परिषद की सदस्यता में समान भौगोलिक वितरण का भी ध्यान रखा जाता है। इसमे भौगोलिक आधार पर सीटों का वितरण निम्नानुसार है:

अफ्रीका महाद्वीप से : 13 सदस्य

एशिया-प्रशांत क्षेत्र से : 13 सदस्य

लैटिन अमेरिकी और कैरिबियन क्षेत्र से : 8 सदस्य

पूर्वी यूरोपीय देशों से : 6 सदस्य

पश्चिमी यूरोप और अन्य देशों से : 7 सदस्य

  • सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षो का होता है और कोई भी लगातार दो से अधिक कार्यकाल धारण नहीं कर सकता है।

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