Follow Us On

राष्ट्रीय परिदृश्य
ट्रांसजेंडर लोगों के लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन
चर्चा में क्यों?

  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 (2019 का 40) की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय परिषद का गठन किया है।
  • केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री परिषद के पदेन अध्यक्ष होंगे और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री इसके पदेन उपाध्यक्ष होंगे।

राष्ट्रीय परिषद के प्रमुख कार्य

  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संबंध में नीतियों,कार्यक्रमों,कानून और परियोजनाओं के निर्माण पर केंद्र सरकार को सलाह देना।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समानता और पूर्ण भागीदारी हासिल करने के लिए बनाई गई नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभाव की निगरानी और मूल्यांकन करना।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित मामलों से जुड़े सभी सरकारी विभागों और अन्य सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा और समन्वय करना।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायतों का निवारण करना।
  • केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए गए ऐसे ही अन्य कार्यों को पूरा करना।

कौन शामिल होगा परिषद में?

  • परिषद के अन्य सदस्यों में विभिन्न मंत्रालयों / विभागों के प्रतिनिधि
  • ट्रांसजेंडर समुदाय के पांच प्रतिनिधि
  • एनएचआरसी और एनसीडब्ल्यूके प्रतिनिधि
  • राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और गैर-सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय परिषद का सदस्य,पदेन सदस्य के अलावा,अपने नामांकन की तारीख से तीन साल के लिए पद पर काम कर सकेगा।

………………………………………………………………………………………………………………………
अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य
कोवैक्स समझौता और डब्ल्यूएचओ
चर्चा में क्यों?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के पास कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए 9 कंपनियों के प्रस्ताव आए हैं और वह उनकी समीक्षा कर रहा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कोवैक्स की ग्लोबल वैक्सीन फैसिलिटी बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ इनमें से चार कंपनियों को अपने बोर्ड में शामिल करने संबंधी बातचीत कर रहा है।
  • कोवैक्स वास्तव में विश्व स्वास्थ्य संगठन और गावी वैक्सीन अलायंस का एक अभियान है।
  • इसमें  कोविड-19 के वैक्सीन को डेवलप करने और उसे पूरी दुनिया में समान रूप से पहुंचाने की योजना तैयार की गई है।
  • इस बारे में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोवैक्स में 172 देश एक साथ शामिल हैं और यह दुनिया में एकमात्र विविधता से भरा हुआ वैक्सीन पोर्टफोलियो है।
  • कोवैक्स अलायंस में वैक्सीन को शामिल करने का उद्देश्य सभी दवा निर्माता और देशों को लाभ पहुंचाना है। इसमें वे पक्ष भी शामिल है जो कंपनियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर रहे हैं।
  • कोशिश होगी कि मांग के हिसाब से वैक्सीन की आपूर्ति हो सके। इनका मकसद है कि कम और मध्यम आय वाले देशों में उनकी जरूरत की 20 प्रतिशत वैक्सीन कोवैक्स के जरिये भेजी जा सके ताकि उन्हें इस खतरनाक वायरस के इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
  • उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय टीका गठबंधन (Global Vaccine Alliance, Gavi) 2000 में बनाया गया एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसका उद्देश्य नए और कम इस्तेमाल में लाए जा रहे टीकों को दुनिया के सबसे गरीब देशों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचाना है ।

…………………………………………………………………………………………………………………………………………………..
रुस ने बनाई कोरोना की एक और वैक्सीन
चर्चा में क्यों?

  • रूस दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इससे पहले भी रुस कोरोना की विश्व की पहली कोरोना वैक्सीन बना कर लॉन्च कर चुका है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस वैक्‍सीन को एपिवैक कोरोना (EpiVacCorona) नाम दिया गया है। जबकि पहली वैक्सीन का नाम स्पूतनिक-V है।
  • दावा है कि इस वैक्सीन का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होगा क्योंकि पहली वैक्‍सीन के कई साइड इफेक्‍ट को लेकर रूस की कड़ी आलोचना हुई थी।
  • रूस एपिवैक कोरोना वैक्‍सीन का निर्माण साइबेरिया में सोवियत संघ के एक पूर्व टॉप सीक्रेट बॉयोलॉजिकल हथियारों के प्‍लांट में कर रहा है।
  • इस वैक्‍सीन को वेक्‍टर स्‍टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बॉयोटेक्‍नालॉजी ने तैयार किया है।
  • यह लैब दुनिया की उन दो जगहों में शामिल है जहां पर चेचक के वायरस को रखने की अनुमति है। दूसरी जगह अमेरिका में है।

………………………………………………………………………………………………………………………
चर्चित स्थल
असम के गुवाहाटी में देश का सबसे लंबा रिवर रोप वे
चर्चा में क्यों?

  • असम के गुवाहाटी को हाल ही में देश का सबसे लंबा रिवर रोपवे (तारों के जरिए नदी पार कराने वाला वाहन) मिल गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह रोप वे ब्रह्मपुत्र नदी के दो किनारों को आपस में जोड़ेगा। लगभग 56 करोड़ की लागत से बना यह रोपवे 1.8 किलोमीटर की दूरी तय कराएगा।
  • यह रोपवे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर गुवाहाटी शहर के पास एक वन परिसर को उत्तरी गुवाहाटी में डौल गोविंदा मंदिर के समीप एक पहाड़ी से जोड़ता है।
  • यह रोपवे ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य में अवस्थित पीकॉक द्वीप (Peacock Island) के ऊपर से गुजरता है जिसमें एक मध्यकालीन उमानंद मंदिर स्थित है
  • यह किसी नदी पर बना देश का सबसे लंबा रोपवे है और इसकी कुल लंबाई 1.82 किमी होगी।
  • इससे उत्तरी गुवाहाटी और शहर के मध्य हिस्सों के बीच यात्रा का समय घटकर आठ मिनट रह जाएगा।
  • साल 2003 में इस परियोजना पर काम शुरू हुआ था।

………………………………………………………………………………………………………………………………………………
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
एनीव्हेयर स्कूल
चर्चा में क्यों?

  • कोरोना वायरस की वजह से ऑफिस ही नहीं बल्कि स्कूल भी घर से चल रहे हैं। कई ऐप्स इसमें मददगार साबित हो रहे हैं। वहीं अब Google ने बच्चों की पढ़ाई को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ‘The Anywhere School’ नामक एक नई पहल को लॉन्च किया है।
  • जो कि Meet, Classroom, G Suite आदि प्लेटफॉर्म को पहले की तुलना में अधिक सिक्योर और सेफ बनाता है। इसमें टीचर्स बच्चों को क्लासेज के लिए लिंक शेयर कर सकते हैं। जिससे बच्चों को क्लास अटैंड करने में आसानी होगी।
  • क्लासरूम 10 एडिशनल भाषाओं के साथ कुल 54 भाषाओं में उपलब्ध होगा। वहीं Google ने गैर-कक्षा उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया प्रोडक्ट पेश किया है जिसे असाइनमेंट्स नाम दिया गया है, जो लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) के लिए एक एप्लिकेशन है जो शिक्षकों को छात्र के काम को वितरित करने, विश्लेषण करने और ग्रेड देने का एक तेज, सरल तरीका देता है।

…………………………………………………………………………………………………………………………………………………….
चीन का गाओफेन 905 उपग्रह लॉन्च
चर्चा में क्यों?

  • चीन ने 23 अगस्त 2020 को जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से एक नया ऑप्टिकल रिमोट-सेंसिंग उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
  • इस उपग्रह का नाम ‘गाओफेन-905’ (Gaofen-905) रखा गया है।
  • उपग्रह को लांग मार्च-2 डी वाहक रॉकेट द्वारा कक्षा में भेजा गया।
  • रॉकेट के माध्यम से एक बहुक्रियाशील परीक्षण उपग्रह और टियांटुओ-5 (Tiantuo-5) नामक एक अन्य उपग्रह भी लॉन्च किया गया।
  • लॉन्च किया गया उपग्रह लॉन्ग मार्च रॉकेट श्रृंखला का 343वां मिशन था।

 
………………………………………………………………………………………………………………………
चर्चित पुस्तक

  • ब्लूम्सबरी इंडिया ने इस साल फरवरी के दिल्ली दंगों से जुड़ी एक किताब का प्रकाशन नहीं करने घोषणा की।
  • पुस्तक का नाम ‘दिल्ली रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी’ है।
  • इस किताब के लेखक सोनाली चितलकर, प्रेमा मल्होत्रा एवं मोनिका अरोड़ा हैं।

………………………………………………………………………………………………………………………
कला, संस्कृति एवं इतिहास
गणेश उत्सव: ऐतिहासिक परिपेक्ष्य
चर्चा में क्यों?

  • महाराष्ट्र समेत देश के तमाम भागो में इन दिनों गणेश उत्सव मनाया जा रहा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह लोक पर्व हर साल गणेश चतुर्थी के बाद दस दिनों तक आयोजित किया जाता है।
  • गणेश चतुर्थी लोक आस्था से तो जुड़ा हुआ पर्व है लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में भी इसका विशेष महत्व रहा है।
  • गणेशोत्सव की परंपरा शुरू करने में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को काफी मुश्किल और विरोध का सामना करना पड़ा था।
  • दरअसल अंग्रेजों के खिलाफ लोगों की एकजुटता के लिए तिलक ने यह धार्मिक मार्ग चुना था और कांग्रेस का उदारवादी दल इसके पक्ष में नहीं था।
  • बावजूद इसके 1890 के दशक में गणेशोत्सव को घरों से निकाल कर सार्वजनिक स्थल पर मनाने और हर जाति के लोगों को शामिल करने की रणनीति बनाई गयी।
  • आखिरकार साल 1894 में कांग्रेस के उदारवादी नेताओं के भारी विरोध की परवाह किए बिना लोकमान्य तिलक ने इस गौरवशाली परंपरा की नींव रख दी थी।
  • हालांकि महाराष्ट्र में पेशवाओं ने गणेश उत्सव का त्योहार मनाने की परंपरा शुरू की थी लेकिन सार्वजनिक गणेश उत्सव शुरू करने का श्रेय तिलक को जाता है।
  • बाल गंगाधर तिलक ने जनमानस में सांस्कृतिक चेतना जगाने, अंग्रेजों के खिलाफ सन्देश देने और लोगों को एकजुट करने के लिए ही सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरूआत की थी। यही नहीं लोकमान्य तिलक ने शिवाजी उत्सव का आयोजन भी ब्रिटिश सरकार विरोधी भावना को भड़काने के लिए किया था।
  • बीसवीं सदी में सार्वजनिक गणेश उत्सव बहुत लोकप्रिय हो गया। वीर सावरकर और कवि गोविंद ने नासिक में गणेशोत्सव मनाने के लिए मित्रमेला संस्था बनाई थी जो बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन करती थी।

 

Related Posts

Leave a Reply