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रिपोर्ट/इंडेक्स
राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट: 2020
चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग सूचना विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र (NDIRC), बेंगलुरु द्वारा ‘राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट 2020’ जारी की गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • रिपोर्ट के अनुसार 2020 में देश में कैंसर के मामले 13.9 लाख होंगे जो 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंच सकते हैं।
  • ये अनुमान 28 ‘जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों’ (PBCR) की सूचना पर आधारित हैं।
  • 2020 में, तंबाकू से संबंधित कैंसर का कुल कैंसर के बोझ में 3.7 लाख (27.1%) योगदान का अनुमान है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में सर्वाधिक है।
  • पुरुषों में फेफड़े, मुंह, पेट और भोजन-नलिका के कैंसर सबसे आम कैंसर थे। महिलाओं के बीच स्तन और गर्भाशय के कैंसर सबसे आम कैंसर हैं।
  • कुल कैंसर बोझ में महिलाओं में, स्तन कैंसर में 2.0 लाख (14.8%) और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर में 0.75 लाख (5.4%) के योगदान का अनुमान है, जबकि पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए, जठरांत्र संबंधी मार्ग के कैंसर का 2.7 लाख (19.7%) के योगदान का अनुमान है।
  • प्रति 1,00,000 पुरुष आबादी पर 269.4 के साथ कैंसर के सर्वाधिक मामले मिजोरम के आइजोल जिले में (भारत में सबसे अधिक) पाये गए।
  • जबकि प्रति 1,00,000 महिलाओं की आबादी के लिए 219.8 कैंसर के सर्वाधिक मामले अरुणाचल प्रदेश के पापुंपारे जिले में पाए गए।
  • वर्तमान अनुमानित मामलों से 12% की वृद्धि के साथ देश में कैंसर के मामलों में 2025 तक 15.6 लाख की वृद्धि होने की संभावना है।

राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम

  • इस कार्यक्रम को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में फैले कैंसर रोगियों का अवलोकन करना है। साथ ही, इसका उद्देश्य देश में कैंसर की घटनाओं के अनुमानों की गणना करना है।
  • इस कार्यक्रम को “भारत में कैंसर के एटलस का विकास” भी कहा जाता है।
  • भारत में कैंसर के प्रसार के बारे में इस तरह के एक एटलस या रिपोर्ट को पहली बार 2001-2002 में प्रकाशित की गयी थी।

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डिजिटल क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स- 2020
चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ‘डिजिटल क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स 2020’ (Digital Quality of Life Index- 2020) जारी किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • यह सूचकांक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network- VPN) प्रदाता ‘सर्फशार्क’ (Surfshark) द्वारा तैयार किया गया है।
  • सूचकांक में इंटरनेट की वहनीयता, इंटरनेट की गुणवत्ता, इलेक्ट्रॉनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा तथा ई-गवर्नमेंट जैसे मापदंडों के आधार पर 85 देशों को रैंकिंग दी गई है।
  • सबसे अधिक डिजिटल गुणवत्ता वाले देशों में डेनमार्क शीर्ष पर है। इसके बाद स्वीडन दूसरे, कनाडा तीसरे, फ्रांस चौथे तथा नॉर्वे पांचवें स्थान पर है।
  • अमेरिकी महाद्वीप में कनाडा; एशिया में जापान; अफ्रीकी देशों में, दक्षिण अफ्रीका; तथा ओशिनिया देशों में न्यूजीलैंड सबसे अधिक डिजिटल गुणवत्ता वाले देश हैं।
  • सूचकांक में सबसे नीचे होन्डुरस 85वें तथा अल्जीरिया 84वें स्थान पर है।

भारत की स्थिति

  • सूचकांक में भारत 57वें स्थान पर है।
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक अवसंरचना संकेतक में 79वें, इंटरनेट क्षमता संकेतक में 9वें, ई-गवर्नमेंट संकेतक में 15वें, इंटरनेट गुणवत्ता में 78वें, इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा में 57वें स्थान पर है।
  • भारत के पड़ोसी देशों में चीन 38वें, बांग्लादेश 78वें, नेपाल 79वें, श्रीलंका 80वें, पाकिस्तान 83वें स्थान पर है।

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राज्य परिदृश्य
उत्तर प्रदेश इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020
चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने नई इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020 की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स के उत्‍पादन का नया वैश्विक केन्‍द्र बनाना है।
  • नीति के तहत प्रदेश में निवेशकों को-

* 15 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी,
*एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी                            सब्सिडी,
*अधिसूचित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण पर 5 वर्ष की ब्याज                             सब्सिडी,
* स्थिर पूंजी निवेश पर 40 प्रतिशत तक पुनर्निर्मित संयंत्र, उपकरण और                                  मशीनरी की  अनुमति मिलेगी।

  • स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी। पेटेंट्स फाइलिंग की लागत की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
  • 10 वर्षों तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट दी जाएगी।

बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन

  • नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।
  • नीति के क्रियान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधीन एक नोडल संस्था गठित की जाएगी।
  • निवेशकों से संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए अंतर्विभागीय सामंजस्य और 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजना पर मंत्रिपरिषद के अनुमोदन की अनुशंसा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सशक्त समिति बनाई जाएगी।

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भारत एवं विश्व
भारत एवं इजरायल में सांस्कृतिक समझौता
चर्चा में क्यों?

  • भारत और इजरायल में हाल ही में दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए। जिनमें से एक सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित है जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश सरकार के साथ किया गया है।
  • समझौते पर इजरायल के विदेश मंत्री गाबी अश्केनजी और भारत के राजदूत संजीव सिंगला ने दस्तखत किए।
  • समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने के लिए कुछ खास क्षेत्रों को चुना गया है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए दोनों देशों के पुरातत्व विभाग सहयोग बढ़ाएंगे और विशेषज्ञों को एक-दूसरे के यहां भेजेंगे।
  • साहित्यिक उत्सव और पुस्तक मेले भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रसिद्ध पुस्तकों के एक-दूसरे की भाषाओं में अनुवाद को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • इसके साथ ही एक-दूसरे के देश में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए दोनों देश छात्रवृत्ति की व्यवस्था करेंगे।
  • खेलों से जुड़ी गतिविधियों में भी दोनों देशों के युवाओं के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • अपने यहां आयोजित होने वाले युवा महोत्सव में भी दोनों देश एक-दूसरे के युवाओं को आमंत्रित करेंगे।

भारत-इजरायल बुंदेलखंड जल परियोजना

  • इजरायल और उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत-इजरायल बुंदेलखंड जल परियोजना की स्थापना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की जल चुनौतियों के अनुरूप जल प्रबंधन के लिए इजराइली मॉडल का प्रदर्शन और कार्यान्वयन करना है।
  • परियोजना में मूल्य श्रृंखला के तीन प्रमुख घटक शामिल हैं: जल संरक्षण, जल कुशल परिवहन और कृषि के लिए उन्नत जल प्रथाएं।
  • समझौते पर भारत में इजरायल के राजदूत रॉन मलका और उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने हस्ताक्षर किए।
  • उल्लेखनीय है कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान इजरायल और भारत ने देश में जल संरक्षण और राज्य जल उपयोगिता सुधार के साथ ही सहयोग बढ़ाने के लिए दो बड़े जल समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
रॉकेट इंजन “रमण”
चर्चा में क्यों?

  • हैदराबाद स्थित स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने ऊपरी चरण के रॉकेट इंजन का हैदराबाद में सफल परीक्षण किया है।
  • इस रॉकेट इंजन का नाम रमण रखा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह इंजन कई उपग्रहों को एक ही बार में अलग-अलग कक्ष में स्थापित कर सकता है।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation, ISRO) के पूर्व वैज्ञानिकों द्वारा स्थापित स्काईरूट भारत का पहला निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान बना रही है।
  • पारंपरिक विनिर्माण की तुलना में इस इंजन कुल द्रव्यमान 50 प्रतिशत है। इस रॉकेट में कुल घटकों की संख्या भी कम है।
  • यह एक ही मिशन में कई उपग्रहों को कई कक्षाओं में स्थापित करने में समर्थ है।
  • कंपनी दिसंबर 2021 में अपनी पहली लॉन्चिंग को लेकर तैयारियां कर रही है। कंपनी ने अपना पहला लॉन्च व्हीक‍ल का नाम विक्रम-1 (Vikram-I) रखा है।

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास
ईरान ने किया दो नई मिसाइलों का सफल परीक्षण
चर्चा में क्यों?

  • पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने सतह से सतह (Surface To Surface) तक मार करने में सक्षम दो नई मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • करीब 1400 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम पहली मिसाइल का नाम ईरान ने अपने शीर्ष कमांडर के नाम पर ‘शहीद कासिम सुलेमानी’ ( Martyr Qassem Soleimani) रखा है।
  • वहीं दूसरी क्रूज मिसाइल का नाम ईरान ने ‘शहीद अबू महदी’ (Martyr Abu Mahdi ) रखा है। ईरानी नेवी की इस मिसाइल की रेंज करीब 1000 किलोमीटर है।
  • कमांडर कासिम सुलेमानी और अबू महदी की इराक में अमेरिकी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है।
  • अमेरिका लगातार ईरान से अपने मिसाइल परीक्षण को रोकने की मांग कर रहा है। अब दो नई मिसाइलों का परीक्षण करके ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों इजरायल, सऊदी अरब और यूएई को सख्‍त चेतावनी देने की कोशिश की है।

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चर्चित पुस्तक
पुस्तक : ‘इंडिया टुमारो: कनवरसेशन विद द नेक्स्ट जनरेशन ऑफ पॉलिटिकल लीडर्स’
लेखक: प्रदीप छिब्बर और हर्ष शाह
चर्चा में क्यों?

  • किताब में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने भाई राहुल गांधी के गैर-गांधी द्वारा पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बहुत कम ही लोग हैं जो पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं।

 

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