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राष्ट्रीय परिदृश्य
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) के गठन को स्वीकृति
चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (National Recruitment Agency, NRA) के गठन को अपनी स्वीकृति दे दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) ग्रुप B और C (Non Technical) पदों के लिए उम्‍मीदवारों की स्‍क्रीनिंग/शॉर्टलिस्‍ट करने हेतु सामान्य योग्यता परीक्षा (Common Eligibility Test (CET) का आयोजन करेगी ।
  • उम्‍मीदवारों द्वारा सीईटी में प्राप्‍त स्कोर परिणाम घोषित होने की तिथि से 3 वर्षों की अवधि के लिए वैध होंगे।
  • वैध उपलब्ध अंकों में से सबसे उच्चतम स्कोर को उम्‍मीदवार का वर्तमान अंक माना जाएगा।
  • एनआरए के शासी निकाय (Governing Body) में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय/वित्तीय सेवा विभाग, एसएससी, आरआरबी तथा आईबीपीएस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी (Non Technical) पदों के लिए ग्रेजुएशन, 12 वीं पास और 10 वीं पास उम्‍मीदवारों के लिए अलग से सीईटी का संचालन किया जाएगा, जिसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) द्वारा भर्ती की जाती है।
  • सीईटी के अंक स्‍तर पर की गई स्‍क्रीनिंग के आधार पर, भर्ती के लिए अंतिम चयन टियर (II, III इत्यादि) परीक्षा के माध्‍यम से किया जाएगा जिसे संबंधित भर्ती एजेंसी द्वारा संचालित किया जाएगा।

आयु सीमा और अवसरों की संख्या

  • सामान्य योग्यता परीक्षा में ऊपरी आयु सीमा तय होगी उम्‍मीदवारों द्वारा सीईटी में भाग लेने के लिए अवसरों की संख्‍या पर कोई सीमा नहीं होगी।
  • सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार अजा/अजजा/अपिव तथा अन्‍य श्रेणियों के उम्‍मीदवारों को ऊपरी आयु-सीमा में छूट दी जाएगी।
  • यह उन उम्मीदवारों के लिए जो प्रति वर्ष इन परीक्षाओं में भाग लेने तथा इसकी तैयारी में लगने वाले महत्वपूर्ण समय, धन और प्रयासों की कठिनाई को बहुत हद तक समाप्त करेगा।

सिलेबस

  • इन परीक्षाओं का पाठ्यक्रम सामान्य होने के साथ-साथ मानक भी होगा। यह उन उम्मीदवारों के बोझ को कम करेगा, जो वर्तमान में प्रत्येक परीक्षा के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग पाठ्यक्रमों की तैयारियां करते हैं।

परीक्षाओं की समय-सारणी एवं केन्द्रों का चुनाव

  • उम्मीदवारों के पास एक ही पोर्टल पर पंजीकृत होने की तथा परीक्षा केन्द्रों के लिए अपनी पसंद व्यक्त करने की सुविधा होगी।
  • उपलब्धता के आधार पर उन्हें परीक्षा केन्द्र आवंटित किए जाएंगे। इसका अंतिम उद्देश्य उस व्यवस्था तक पहुंचना है जहां उम्मीदवार अपनी पसंद के परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा की समय-सारणी तय कर सकते हैं।

कई भाषाओं में होगा सीईटी का आयोजन

  • सीईटी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर को प्राप्त करने को सुविधाजनक बनाएगा।

अभ्यर्थियों के प्राप्तांक का उपयोग

  • शुरुआत में अंकों का उपयोग तीन प्रमुख भर्ती एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। तथापि, कुछ समय बाद केन्द्र सरकार की अन्य भर्ती एजेंसियां इसे अपना लेगी।
  • इसके अलावा सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र की अन्य एजेंसियों को यह छूट होगी कि यदि वे चाहे तो इसे अपना सकती हैं।
  • इस प्रकार आने वाले समय में सीईटी के प्राप्तांक को केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है। इससे ऐसे संगठनों को भर्ती पर लगने वाली लागत और समय की बचत करने में सहायता होगी।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य
अफ्रीकी देश माली में सैन्य विद्रोह
चर्चा में क्यों?

  • अफ्रीकी देश माली में 18 अगस्त 2020 को हुए सैन्य विद्रोह के बाद राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और संसद भंग करने की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राष्ट्रपति की इस घोषणा से कुछ घंटे पहले माली के विद्रोही सैनिकों ने राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा और प्रधानमंत्री बोबू सिसे को हिरासत में ले लिया था।
  • इस सैन्य विद्रोह की शुरुआत माली की राजधानी बमाको से 15 किलोमीटर दूर स्थित काटी कैंप में हुई जहां असंतुष्ट जूनियर अफ़सरों ने कमांडरों को हिरासत में लिया और उसके बाद कैंप पर क़ब्ज़ा कर लिया।
  • सहारा रेगिस्तान तक फैला माली दुनिया के सबसे ग़रीब देशों में से एक है। पूर्व में फ्रांस के उपनिवेश रहे इस देश में कई बार वहाँ सैनिक विद्रोह हुआ है। इस समय भी माली जिहादी हमलों और जातीय हिंसा को रोकने के लिए संघर्ष कर रहा है।
  • तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने खुद को “नेशनल कमेटी फ़ॉर द साल्वेशन ऑफ़ द पीपुल” कहा है।

क्यों हुआ तख्तापलट?

  • राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा ने वर्ष 2018 में दूसरी बार चुनाव जीता था। लेकिन इस साल जून से उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा था।
  • साथ ही उन पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन और चुनाव को लेकर भी आरोप लग रहे थे। जिहादियों के साथ संघर्ष और वेतन को लेकर सेना में भी नाराज़गी थी।
  • माली के विपक्षी आंदोलन एम5 ने राष्ट्रपति के इस्तीफ़े का स्वागत किया है। एम5 का नेतृत्व इमाम महमूद डिको कर रहे हैं।

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स्वास्थ्य एवं पोषण
धन्वंतरी रथ
चर्चा में क्यों?

  • दिल्ली पुलिस की आवासीय कॉलोनियों में एहतियात और संवर्धनकारी स्वास्थ्य सेवाओं की आयुर्वेदिक पद्धति पहुंचाने के लिए इस बल और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
  • ये सेवाएं ‘धन्वंतरी रथ नामक चलती-फिरती इकाई एवं पुलिस कल्याण केंद्रों द्वारा प्रदान की जाएंगी।
  • आयुष मंत्रालय के एआईआईए और दिल्ली पुलिस के संयुक्त उपक्रम आयु-रक्षा का लक्ष्य आयुर्वेदिक प्रतिरोधक क्षमता संवर्धन उपायों के माध्यम से कोविड योद्धाओं का स्वास्थ्य बनाए रखना है।
  • दो महीनों में 80,000 पुलिसकर्मियों के बीच आयु-रक्षा किट के वितरण के बाद पुलिस बल में कोविड-19 के मामलों और मृत्युदर में काफी कमी आई है।

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रिपोर्ट/इंडेक्स
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020
चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार ने देशभर के शहरों में साफ-सफाई से संबंधित ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ के परिणामों की घोषणा की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में एक बार फिर से पहले स्थान पर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर बना हुआ है।
  • इंदौर को लगातार चौथी बार देश के सबसे साफ शहर का पुरस्कार दिया गया है।
  • इससे पहले इंदौर 2017, 2018, 2019 में शीर्ष स्थान पर रहा।
  • वहीं सूरत (गुजरात) को देश का दूसरा और नवीं मुंबई को तीसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया है।
  • चौथे स्थान पर विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), पांचवें पर अहमदाबाद (गुजरात),छठे पर राजकोट (गजरात), सातवें पर भोपाल (म.प्र.), आठवें पर चंडीगढ़, नौवें पर विशाखापत्तनम (आन्ध्र प्रदेश) और दसवें स्थान पर वडोदरा (गुजरात) रहा।
  • जालंधर कैंट को सबसे स्वच्छ छावनी घोषित किया गया। वहीं, वाराणसी गंगा नदी के किनारे बसा सबसे साफ शहर रहा।
  • राज्यों में छत्तीसगढ़ को देश का सबसे साफ राज्य चुना गया है। दूसरी बार छत्तीसगढ़ को सबसे साफ राज्य का दर्जा मिला है।
  • इससे पहले 2019 में भी राज्य ने सबसे स्वच्छ राज्य में बाजी मारी थी।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 (Swachh Survekshan 2020)

  • यह देश के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का पांचवाँ संस्करण है।
  • सबसे पहले सर्वेक्षण में देश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मैसूर को मिला था
  • ‘स्वच्छ महोत्सव’ के नाम से आयोजित कार्यक्रम में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों एवं राज्यों को कुल 129 पुरस्कार प्रदान किये गए।
  • इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा किया जा रहा है।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है जिसमें कुल 4242 शहरों, 62 छावनी बोर्डों और 92 गंगा तटीय शहरों की रैंकिंग की गई है।
  • इस सर्वेक्षण में 1.87 करोड़ नागरिकों की अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की गई है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत स्वच्छता मिशन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • साथ ही इसका उद्देश्य भारत के सबसे स्वच्छ शहर बनने की दिशा में शहरों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा की भावना पैदा करना भी है।

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अभियान/मिशन
स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज
चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केंद्रीय इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज (Swadeshi Microprocessor Challenge) की शुरुआत की। यह आत्मनिर्भर भारत के लिये एक नवाचार समाधान है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इसका उद्देश्य देश में स्टार्ट-अप, नवाचार एवं अनुसंधान के मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र को गति प्रदान करना है।
  • इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए https://innovate.mygov.in पर 18 अगस्त, 2020 से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
  • इस चैलेंज की अवधि 10 महीने की है जो जून, 2021 में समाप्त होगी।
  • चैलेंज के अंतर्गत सेमी-फाइनल में पहुँचने वाली 100 टीमों को पुरस्कार के रूप में कुल 1.00 करोड़ रुपए प्रदान किये जाएंगे, जबकि फाइनल में पहुँचने वाली 25 टीमों को पुरस्कार के रूप में कुल 1 करोड़ रुपए प्रदान किये जाएंगे।
  • फाइनल में प्रवेश करने वाली शीर्ष 10 टीमों को कुल 2.30 करोड़ रुपए का सीड-फंड (Seed Fund) प्राप्त होगा और 12 महीने तक इन्क्यूबेशन समर्थन दिया जाएगा।

शक्ति और वेगा लॉन्च

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माइक्रोप्रोसेसर विकास कार्यक्रम के तहत स्वदेशी रूप से डेवलप किए गए माइक्रोप्रोसेसर, शक्ति और वेगा को भी लांच किया गया।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माइक्रोप्रोसेसर डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत आईआईटी मद्रास और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC) ने ओपन सोर्स आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करते हुए शक्ति (SHAKTI- 32 बिट) और वेगा (VEGA- 64 बिट) नाम से दो माइक्रोप्रोसेसर डेवलप किए हैं।

माइक्रोप्रोसेसर क्या होता है?

  • माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) एक ऐसा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टरों को एकीकृत परिपथ (इंटीग्रेटेड सर्किट या आईसी) के रूप में प्रयोग कर तैयार किया जाता है।
  • इससे कंप्यूटर के केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई (CPU या सीपीयू) की तरह भी काम लिया जाता है।
  • इंटीग्रेटेड सर्किट के आविष्कार से ही आगे चलकर माइक्रोप्रोसेसर के निर्माण का रास्ता खुला था।

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योजना/परियोजना
ट्राइब्स इंडिया ऑन व्हील्स
चर्चा में क्यों?

  • 19 अगस्त, 2020 को केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से देश के 31 शहरों में ‘ट्राइब्‍स इंडिया ऑन व्‍हील्‍स’ (Tribes India On Wheels) मोबाइल वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • ट्राइफेड द्वारा इन वैनों को संचालित करने का उद्देश्य यह है कि COVID-19 के कारण(TRIFED) उपभोक्ताओं को जैविक, प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले ज़रूरी उत्‍पादों को खरीदने के लिये घर से बाहर निकलने की ज़रूरत न पड़े।
  • मोबाइल वैन के द्वारा ट्राइफेड जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किये गए उत्पादों को देश के विभिन्‍न इलाकों में ग्राहकों तक सीधे पहुंचा रहा है और साथ ही इन उत्पादों पर छूट देने की पेशकश भी की जा रही है।
  • इन उत्पादों की बिक्री से प्राप्त आय सीधे जनजातीय लोगों के पास जाएगी जिससे COVID-19 के दौरान उनकी आय को बरकरार रखने में मदद मिलेगी।
  • COVID-19 के दौरान ‘गो वोकल फॉर लोकल’ (Go Vocal for Local) को ‘गो वोकल फॉर लोकल गो ट्राइबल’ (Go Vocal for Local Go Tribal) के रूप में अपनाने के लिये ट्राइफेड अपने मौजूदा कार्यक्रमों एवं कार्यान्वयनों के अलावा अनेक अग्रणी पहलों को लागू करके संकटग्रस्‍त एवं प्रभावित जनजातीय लोगों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहा है।

 

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