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Daily Current Affairs 19 October 2020

रिपोर्ट/इंडेक्स

ग्लोबल हंगर इंडेक्स – 2020

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020’ (Global hunger Index-2020) की रिपोर्ट जारी की गयी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020’ (Global hunger Index-2020) में भारत की रैंक 107 देशों में 94वीं है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020 की रिपोर्ट के अनुसार, 27.2 स्कोर के साथ भारत भूख के मामले में ‘गंभीर'(serious) स्थिति में है।
  • इसके अतिरिक्त, भारत में करीब 14 फीसदी लोग कुपोषण के शिकार हैं ।
  • भारत, अपने कई पड़ोसी देशों से अभी भी पीछे है। इन देशों में नेपाल, श्रीलंका, म्यामांर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं।
  • ‘चीन’ इस इंडेक्स में 25वें पायदान पर है, जबकि नेपाल और पाकिस्तान क्रमश: 73वें और 88वें पायदान पर हैं।
  • 2020 की इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में चाइल्ड वेस्टिंग(child wasting) की स्थित 2015 से 2019 के दौरान और खराब हुई है (2010- 14 की अवधि के मुक़ाबले)।
  • 2015 से 2019 की अवधि के दौरान भारत में चाइल्ड वेस्टिंग का प्रसार(prevalence) 17.3 प्रतिशत है जबकि 2010-14 के दौरान यह 15.1 प्रतिशत थी।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बच्चों में स्टंटिंग रेट (उम्र की तुलना में कम लम्बाई) 37.4 परसेंट है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020’ में सिर्फ 13 देश ही ऐसे हैं जिनसे भारत आगे हैं। इनमे प्रमुख देश हैं- रवांडा, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, लीबिया, मोजाम्बिक और चाड।

पिछले वर्षों में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति

  • भारत वर्ष 2015 में 93वें, 2016 में 97वें, 2017 में 100वें, 2018 में 103वें और 2019 में 102वें स्थान पर रहा था।

क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI)?

  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) दुनिया के देशों में भुखमरी व कुपोषण की गणना और इसके तुलनात्मक अध्ययन के लिए एक बहुआयामी सूचकांक है।
  • इस इंडेक्स में दिखाया जाता है कि दुनिया भर में भूख के ख़िलाफ़ चल रही देशों की लड़ाई में कौन-सा देश कितना सफल और कितना असफल रहा है।
  • भुखमरी से लड़ने में प्रगति और असफलताओं का आंकलन करने के लिये हर साल GHI स्कोर की गणना की जाती है।
  • इस इंडेक्स में उन देशों को शामिल नहीं किया जाता है जो विकास के एक ऐसे स्तर तक पहुँच चुके हैं, जहाँ भुखमरी नाममात्र की है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) को कौन जारी करता है?

  • आयरलैंड स्थित एक एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड (Concern Worldwide) और जर्मनी के एक संगठन वेल्ट हंगर हिल्फे (Welt Hunger Hilfe) द्वारा संयुक्त रूप से ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) रिपोर्ट को तैयार और प्रकाशित किया जाता है।
  • वर्ष 2018 तक ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) रिपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान(IFPRI) द्वारा जारी किया जाता था।
  • साल 2006 में पहली बार ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI)आईएफ़पीआरआई ने ही जारी किया गया था। तब से लेकर 2018 तक हर साल आईएफ़पीआरआई के ज़रिए ही ग्लोबल हंगर इंडेक्स जारी किया जाता रहा था।
  • हालांकि वर्ष 2018 से आईएफ़पीआरआई ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स के प्रकाशन से ख़ुद को अलग करने का फैसला किया था। अब ग्लोबल हंगर इंडेक्स ‘वेल्ट हंगर हिल्फे’ व ‘कंसर्न वर्ल्डवाइड’ की संयुक्त पहल पर जारी है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स को मापने के पैमाने

  1. अल्पपोषण (Undernourishment)
  2. लंबाई के अनुपात में बच्चों का कम वजन, (Child Wasting)
  3. आयु के अनुपात में बच्चों की कम लंबाई (Child Stunting)
  4. बाल मृत्यु दर (Child Mortality)
  5. इन चार संकेतकों के मूल्यों के आधार पर 0 से 100 तक के पैमाने पर भुखमरी को निर्धारित किया जाता है जहाँ 0 सबसे अच्छा संभव स्कोर (भुखमरी नहीं) है और 100 सबसे खराब है।

  1. GHI गंभीरता स्केल (GHI Severity Scale)
कम (Low)मध्यम (Moderat)गंभीर (Serious)खतरनाक
(Alarming)
बेहद चिंताजनक
(Extremely Alarming)
≤ 9.910.0–19.9 20.0–34.9 35.0-49.9 ≥ 50.0 

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समारोह/सम्मेलन

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन’की तीसरी बैठक

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ‘अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन’ (International Solar Alliance-ISA) की तीसरी वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वर्चुअल बैठक में भारत को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का अध्यक्ष और फ्रांस को सह-अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया है। भारत और फ्राँस का चुनाव दो वर्ष के कार्यकाल के लिये किया गया है ।

बैठक में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के 53 सदस्य देशों , 5 हस्ताक्षरकर्ता एवं संभावित सदस्य देशों ने भाग लिया।

  • ISA के चार क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिये चार नए उपाध्यक्ष का चुनाव भी इस बैठक में किया गया जो इस प्रकार है:
  • एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में फिजी और नौरु
  • अफ्रीका क्षेत्र के लिये मॉरीशस और नाइजर
  •  यूरोप एवं अन्य क्षेत्र के लिये यूके और नीदरलैंड,
  • लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र के लिये क्यूबा और गुयाना, को उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया।
  • इस बैठक में ‘असेंबली फॉर सस्टेनेबल क्लाइमेट एक्शन’(Coalition for Sustainable Climate Action-CSCA) के माध्यम से निजी और सार्वजनिक कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ ISA के संस्थागत रूप को स्थापित करने के लिये ISA सचिवालय की पहल को भी मंज़ूरी प्रदान कर दी है।
  • भारत के दस सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों द्वारा इस बैठक में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर राशि प्रदान करने की पेशकश की गई है ।
  • उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वैश्विक बिजली उत्पादन में सौर ऊर्जा का लगभग 2.8% योगदान है, और यदि 2030 तक इसके प्रति यही रुझान जारी रहता है, तो सौर ऊर्जा दुनिया के बड़े हिस्से में बिजली उत्पादन के लिये ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण विकल्प बन जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन

  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन भारत के प्रधानमंत्री और फ्राँस के राष्ट्रपति द्वारा 30 नवंबर, 2015 को फ्राँस की राजधानी पेरिस में आयोजित कोप-21 (COP-21) के दौरान शुरू की गई पहल है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का उद्देश्य  सदस्य देशों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये प्रमुख चुनौतियों का साथ मिलकर समाधान निकलना है।
  • इसका उद्देश्य वित्तीय लागत एवं प्रौद्योगिकी लागत को कम करने के लिये आवश्यक संयुक्त प्रयास करना, बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पाद के लिये आवश्यक निवेश जुटाना तथा भविष्य की प्रौद्योगिकी के लिये उचित मार्ग तैयार करना है।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

‘संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद’ के लिए सदस्यो का निर्वाचन

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ‘संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद’ (United Nations Human Rights Council- UNHRC) में कुल पंद्रह सदस्य देश चुने गए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जिनमें से रूस और क्यूबा निर्विरोध चुने गए है। पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, नेपाल और चीन एशिया-प्रशांत क्षेत्र से चुने गए हैं।
  • पाकिस्तान को लगातार दूसरी बार परिषद के लिए चुना गया है।
  • पाकिस्तान का नया कार्यकाल 1 जनवरी, 2021 से प्रारंभ होगा।
  • उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान वर्तमान में 1 जनवरी, 2018 से ही इसका सदस्य है।
  • पाकिस्तान को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन पर मानवाधिकार कार्यकर्त्ता समूहों द्वारा किये जाने वाले विरोध के बावजूद फिर से चुना गया है।
  • वर्तमान में UNHRC के 47 सदस्य हैं और सीटों का बंटवारा भोगौलिक आधार पर होता है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC):

  • UNHRC की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी, इसका मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है।

सदस्यों का चुनाव तीन वर्षों की अवधि के लिये किया जाता है, जिसमें अधिकतम दो कार्यकाल लगातार हो सकते हैं।

  • सदस्य बनने के लिये एक देश को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 191 देशों में से कम -से-कम 96 देशों (पूर्ण बहुमत) के मत प्राप्त करने आवश्यक हैं।
  • संकल्प 60/251 के अनुसार, जिसके तहत परिषद का निर्माण किया गया था, के अनुसार, परिषद सदस्यों को संयुक्त राष्ट्र महासभा के बहुमत द्वारा सीधे गुप्त मतदान द्वारा चुना जाता है।

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राज्य परिदृश्य

‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान

चर्चा में क्यों?

  • दिल्ली सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिये ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान (Red Light On, Gaadi Off) की शुरुआत की है।
  •  इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में तकरीबन 1 करोड़ पंजीकृत वाहन हैं, और यदि इनमें से 30-40 लाख वाहन भी एक दिन में
  • सड़कों पर आते हैं और रेड लाइट होने पर इंजन बंद करते हैं तो इससे वायु प्रदूषण कम करने में काफी मदद मिल सकती है।
  • एक अनुमान के अनुसार, यदि 10 लाख वाहन भी रेड लाइट पर इंजन बंद करते हैं, तो एक वर्ष के भीतर पीएम 10 (PM 10) के उत्सर्जन में 1.5 टन और पीएम 2.5 (PM 2.5) के उत्सर्जन में 0.4 टन की कमी हो सकती है।
  • उल्लेखनीय है कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में खास तौर पर प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण दिल्ली के आम निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक वृक्षारोपण नीति भी लागू की है।

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निधन

भानु अथैया

  • भारत की पहली ऑस्कर विजेता और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर भानु अथैया (Bhanu Athaiya) का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल, 1929 को कोल्हापुर में हुआ था।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के तौर पर उन्होंने अपने 60 वर्ष के लंबे कॅरियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिसमें श्री 420, गाइड, अग्निपथ, वक्त और लगान जैसी बेहतरीन फिल्में शामिल हैं।
  • भानु अथैया को वर्ष 1982 में आई फिल्मी ‘गांधी’ के लिये ब्रिटिश कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर जॉन मोलो के साथ संयुक्त तौर पर ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी के साथ वे ऑस्कर से सम्मानित होने वाली पहली भारतीय बन गई थीं।

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कृषि, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

मदन बी. लोकुर समिति

चर्चा में क्यों?

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शरद अरविंद बोबडे के नेतृत्त्व में सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ तीन राज्यों (हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश) में किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के लिये सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर (Madan B Lokur) की एक सदस्यीय समिति का गठन किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जस्टिस मदन बी. लोकुर की एक-सदस्यीय समिति, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना और स्काउट्स-गाइड्स में तैनात स्वयंसेवक छात्रों की मदद से दिल्ली और इसके आस-पास के क्षेत्रों में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण से निपटने का प्रयास करेगी।
  • इस संबंध में तैयार की गई योजना के अनुसार, स्वयंसेवक छात्र तीन राज्यों में राजमार्गों और अन्य क्षेत्रों में गश्त करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि खेतों में आग न लगे।
  • सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि तीन राज्यों के मुख्य सचिव, इस समिति को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करेंगे और छात्र स्वयंसेवकों के लिये पर्याप्त परिवहन की व्यवस्था करेंगे।

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चर्चित व्यक्तित्व

सूरोनबे जीनबेकोव

चर्चा में क्यों?

  • किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव (Sooronbay Jeenbekov) ने भारी विरोध प्रदर्शन के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सूरोनबे जीनबेकोव का यह निर्णय किर्गिज़स्तान में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद आया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा एक स्वर में सूरोनबे जीनबेकोव के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

इससे पूर्व राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव ने राजधानी बिश्केक (Bishkek) में आपातकाल की घोषणा कर दी थी।

  •  किर्गिस्तान में हाल ही में सम्पन्न संसदीय चुनावों के दौरान  विपक्षी दलों ने सूरोनबे जीनबेकोव पर चुनावी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
  • यद्यपि प्रथम दृष्टया किर्गिज़स्तान में हो रहे विरोध प्रदर्शन हालिया चुनावों का परिणाम लग सकते हैं, किंतु विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार विरोधी ये प्रदर्शन काफी हद तक सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य समेत तमाम क्षेत्रों में किर्गिज़स्तान की मौजूदा सरकार की असफलताओं से प्रेरित हैं।

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योजना/परियोजना

‘कपिला’ कलाम कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • 15 अक्तूबर, 2020 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय  ने पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 89वीं जयंती पर आविष्कारों के पेटेंट के प्रति जागरूकता हेतु बौद्धिक संपदा साक्षरता एवं जागरूकता।
  • शिक्षा अभियान (IP Literacy and Awareness Education Campaign) के लिये ‘कपिला’ कलाम कार्यक्रम (‘KAPILA’ Kalam Program) शुरू किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कपिला (KAPILA), आईपी (Intellectual Property) साक्षरता एवं जागरूकता के लिये कलाम कार्यक्रम (Kalam Program for IP  Literacy and Awareness) का  संक्षिप्त नाम है।
  • इस अभियान के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को उनके आविष्कार को पेटेंट कराने के लिये आवेदन प्रक्रिया की सही प्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे।
  • यह कार्यक्रम कॉलेजों एवं संस्थानों को अधिक-से-अधिक छात्रों को पेटेंट फाइल करने के लिये प्रोत्साहित करने की सुविधा प्रदान करेगा।
  • इसके साथ ही 15 से 23 अक्तूबर तक ‘बौद्धिक संपदा साक्षरता सप्ताह’ (Intellectual Property Literacy Week) मनाने का भी निर्णय लिया गया।

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रक्षा/प्रतिरक्षा

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के नौसैनिक संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • परीक्षण के दौरान मिसाइल को अरब सागर तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस चेन्नई से दागा गया था और इसने पिन-प्वाइंट सटीकता के साथ लक्ष्य पर प्रहार किया।
  • अब इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों, या अन्य प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है।
  • यह नौसेना के ज़मीनी ठिकानों पर हमले की ताकत को कई गुणा बढ़ा देगा।

ब्रह्मोस मिसाइल

  • ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ने तैयार किया है।
  • भारत-रूस का संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस (BrahMos Aerospace) सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का उत्पादन करता है।
  • इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है।
  • यह एक क्रूज़ मिसाइल है किंतु जब इसकी गति 2.8 मैक होती है अर्थात् इसकी मारक क्षमता ध्वनि की गति से भी तीन गुना अधिक होती है, तो यह एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल कहलाती है।
  • इसकी लक्ष्य भेदन क्षमता अचूक है, इसलिये इसे ‘दागो और भूल जाओ’ (Fire and Forget) मिसाइल भी कहा जाता है। यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।
  • इसे पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट, हवा और ज़मीन से दागा जा सकता है।
  • ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के पहले संस्करण को वर्ष 2005 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

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