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केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद (CEGC) की 21वीं बैठक

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में 02 मई, 2020 को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय रोज़गार गारंटी परिषद (CEGC) की 21वीं बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में चर्चा की गई कि मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ी रोज़गार सृजन योजनाओं में से एक है जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को वैकल्पिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराती है।
MGNREGA के अंतर्गत 261 स्वीकृत कार्य हैं जिनमें से 164 कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से जु़ड़े हैं।
MGNREGA तहत केंद्र सरकार ने व्यक्तिगत परिसंपत्तियों और जल संरक्षण एवं सिंचाई परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी है जिससे कृषि क्षेत्र को मदद मिलेगी।
COVID-19 के कारण उत्‍पन्‍न विपरीत परिस्थितियों के दौरान ज़रूरतमंद श्रमिकों को रोज़गार प्रदान करने हेतु ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत इस कार्यक्रम के लिये 40,000 करोड़ रुपये की राशि का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को अब तक 28,000 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।
केंद्रीय रोज़गार गारंटी परिषद

  • केंद्रीय रोज़गार गारंटी परिषद(Central Employment Guarantee Council) मनरेगा अधिनियम, 2005 (MGNREGA Act, 2005) की धारा 10 (3) (d) के तहत गठित एक फोरम है।
  • इस परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 1 वर्ष का होता है। इसमें आधिकारिक और गैर-आधिकारिक दोनों सदस्य होते हैं तथा केंद्रीय
  • ग्रामीण विकास मंत्री इस परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हैं।
    यह परिषद मनरेगा के अंतर्गत होने वाले कार्यों के लिये केंद्रीय निगरानी एवं मूल्यांकन प्रणाली की भूमिका निभाती है।

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