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1 अप्रैल 2020 से होगा सिर्फ BS-6 वाहनों का रजिस्ट्रेशन

1 अप्रैल 2020 से देश में BS-4 (Bharat stage-4)मानक वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार ने 31 मार्च, 2020 तक ही बीएस-4 वाहनों की बिक्री की परमिशन दी थी और 1 अप्रैल, 2020 से केवल बीएस-6 मानक वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन किए जाने के आदेश जारी किए थे।
क्या हैं BS मानक ?
बीएस का अर्थ है भारत स्टेज। इसका संबंध स्पष्ट रूप से उत्सर्जन मानकों से है। भारत स्टेज उत्सर्जन मानक आतंरिक दहन और इंजन तथा स्पार्क इग्निशन इंजन के उपकरण से उत्सर्जित वायु प्रदूषण को विनियमित करने के मानक हैं। ये मानक भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा तय किये जाते हैं। 31 मार्च तक पूरे देश में यातायात ईंधन BS-IV लागू था। सरकार द्वारा भारत में बीएस-IV से सीधे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बीएस –VI ग्रेड को 1 अप्रैल 2020 से लागू करने का फैसला लिया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 2000 में यूरोप की तर्ज़ पर उत्सर्जन मानक से जुड़ी नीति बनाई और 2002 में बीएस-1 (भारत स्टेज-1) लागू किया था।
नए मानकों में बहुत सारी बातों को शामिल किया गया है जैसे नई गाड़ियों के इंजन नए मानक के हिसाब से बनेंगे और जो ईंधन इस्तेमाल किया जा रहा था उसको भी मानक के अनुरूप लाना होगा।
प्रदूषित गैसें जिन्हें रोकेगा बीएस-6
कार्बन डाईऑक्साइड, कर्बन मोनो ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे घातक गैसें इंटरनल कंबशन इंजन से पैदा होती हैं. इसके अलावा डीज़ल और डायरेक्ट इंजेक्शन पेट्रोल इंजन से पर्टिकुलेट मैटर (PM) पैदा होते हैं।प्रदूषण को कम करने के लिए ईंधन के जलने वाले चैंबर को और परिष्कृत किया जाता है जिससे बाईप्रोडक्ट कम निकलें।इसके अलावा पर्टिकुलेट मैटर और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषण को रोकने के लिए अतिरिक्त तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।बीएस-4 के ईंधन में सल्फ़र की मात्रा 50 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम होता था जबकि बीएस-6 में ये 10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम होगा।
भारत में BS मानकों की टाइमलाइन

  • बीएस1 को साल 2000 में देशभर में एक साथ लागू किया गया।
  • बीएस2 को चरणबद्ध तरीके से सबसे पहले दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में लागू किया गया। इसके बाद अप्रलै 2003 में बीएस2 को 13 अन्य शहरों में लागू किया गया।
  • बीएस3 को अप्रैल 2005 में दिल्ली एनसीआर समेत 13 शहरों में लागू किया गया। इसके बाद अप्रैल 2010 में इसे देशभर में लागू कर दिया गया।
  • बीएस 4 को अप्रैल 2010 में दिल्ली एनसीआर समेत देश के चुनिंदा 13 शहरों में लागू किया गया। इसके बाद अप्रैल 2017 में इसे देशभर में लागू किया गया है।
  • बीएस 5 को छोड़कर सीधे बीएस 6 लागू किया गया।
  • बीएस 6 को अप्रैल 2020 में देशभर में लागू किया जा रहा है।

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