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बीएस-VI मानकों के लिए अधिसूचना जारी

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों के नए उत्सर्जन मानक बीएस-6 (Bharat stage- VI) 1 अक्तूबर 2020 से लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इनकी पहचान नंबर प्लेट में लगी हरी, नारंगी पट्टी से होगी।बीएस-VI वाहन अधिक महंगे होंगे, लेकिन वाहन चालकों को अधिक माइलेज भी मिलेगा। वायु प्रदूषण 70 फीसदी कम होगा। लेकिन, बीएस-IV वाहनों को सड़कों से हटाया नहीं जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल-सीएनजी चार पहिया बीएस-VI वाहनों के नंबर प्लेट पर एक सेंटीमीटर चौड़ी हरे रंग की पट्टी लगानी अनिवार्य होगी। जबकि डीजल वाहन में नारंगी रंग की पट्टी होगी। बीएस-VI वाहन के लिए 93 ऑक्टेन वाले पेट्रोल (93 octane petrol) की जरूरी होगी। जो दिल्ली सहित देश के बड़े शहरों में ही मिलता है।
बीएस-IV और बीएस -VI में क्या अंतर?
बीएस-IV उत्सर्जन मानक के तहत वाहन के इंजन को इस हिसाब से डिजाइन किया जाता है कि उससे निकलने वाले धुएं से सल्फर की मात्रा भारत सरकार के निर्धारित मानक से अधिक न निकले। इसके लिए कम सल्फर वाले ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए सरकार की तरफ से ईंधन का ग्रेड तय किया जाता है।
सल्फर के उत्सर्जन में कमी के अनुसार मानक
हर एक उत्सर्जन मानक में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाले धुएं के साथ सल्फर की मात्रा को कम करना होता है। बीएस-III मानक के तहत पेट्रोल गाड़ियां 150 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम सल्फर उत्सर्जित कर सकती थी। जो बीएस-VI में घटकर 10 मिलीग्राम प्रति किग्रा हो गया है। इसी तरह डीजल गाड़ियां बीएस-III स्टैंडर्ड मानक के तहत 350 मिलीग्राम प्रति किग्रा सल्फर उत्सर्जित कर सकती थी, जिसकी मात्रा घटकर 10 मिलीग्राम प्रति किग्रा हो गई है।
सल्फर उत्सर्जन (अधिकतम)
ईंधन       बीएस-III (mg/kg) बीएस-IV (mg/kg) बीएस-VI(mg/kg)
पेट्रोल         150                            50                           10
डीजल        350                           50                             10
भारत स्टेज मानक कब लागू हुआ?
भारत में वर्ष 2000 के बाद से बीएस नार्म्स एक साथ पूरे देश में कभी लागू नहीं हुए। इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। पहले मेट्रो और कुछ चुने हुए शहरों में इन्हें लागू किया गया। इसके बाद टायर-2 और टायर-3 शहरों में लागू किए जाते रहे हैं। हालांकि साल अब साल 2020 में फिर से पूरे देश में एक साथ बीएस-VI इमीशन एक साथ देशभर में लागू किया जा रहा है।

  • बीएस- I को साल 2000 में देशभर में एक साथ लागू किया गया।
  • बीएस-II को चरणबद्ध तरीके से सबसे पहले दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में लागू किया गया। इसके बाद अप्रलै 2003 में बीएस-II को 13 अन्य शहरों में लागू किया गया।
  • बीएस-III को अप्रैल 2005 में दिल्ली एनसीआर समेत 13 शहरों में लागू किया गया। इसके बाद अप्रैल 2010 में इसे देशभर में लागू कर दिया गया।
  • बीएस -IV को अप्रैल 2010 में दिल्ली एनसीआर समेत देश के चुनिंदा 13 शहरों में लागू किया गया। इसके बाद अप्रैल 2017 में इसे देशभर में लागू किया गया है।
  • बीएस -V को छोड़कर सीधे बीएस-VI लागू किया गया।
  • बीएस -VI को अक्टूबर 2020 में देशभर में लागू किया जा रहा है। इससे पहले यह तिथि अप्रैल 2020 थी लेकिन लॉकडाउन के कारण आगे बढ़ाया गया।

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