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पूर्वोत्तर के ‘आकांक्षी जिलों’ में कोविड-19 की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डॉ. जितेंद्र सिंह ने 21 जून 2020 को पूर्वोत्तर के “आकांक्षी जिलों” (Aspirational districts) में कोविड-19 की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा की।

योजना से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु

  • पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से संक्रामक रोगों के प्रबंधन के लिए, बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 190 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान करने का निर्णय लिया है।
  • आकांक्षी जिलों की अवधारणा 49 प्रमुख संकेतकों पर आधारित थी, जिनमें स्वास्थ्य सेवा की स्थिति एक महत्वपूर्ण घटक थी।
  • योजना में वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए तंत्र के माध्यम से, प्रत्येक आकांक्षी जिले को इन प्रमुख संकेतकों में सुधार लाने और अपनी रेटिंग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना था अर्थात दिए गए संकेतकों के आधार पर राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला और देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बनना था।
  • वर्ष 2018 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े ज़िलों की पहचान कर उनके समग्र विकास में सहायता करना है।इसके लिए देश के 28 राज्यों से 115 ज़िलों की पहचान की गई थी।
  • राज्य इस योजना को क्रियान्वित करते हैं और केंद्र की ओर से नीति आयोग द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा कई मंत्रालय भी योजना के कार्यान्वयन में योगदान दे रहे हैं।

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