Follow Us On

एशियाई शेरों की संख्या में वृद्धि दर्ज

गुजरात राज्य के गिर नेशनल पार्क के जंगलों में पाए जाने वाले एशियाई शेरों (Asiatic Lion) संख्या में वृद्धि दर्ज़ की गई है। गुजरात वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 में की तुलना में राज्य में एशियाई शेरों की संख्या में लगभग 29% वृद्धि हुई है।
शेरों की नवीनतम गणना के अनुसार, वर्तमान में राज्य में एशियाई शेरों की कुल संख्या 674 बताई गई है, जबकि वर्ष 2015 में यह संख्या मात्र 523 ही थी।
गणना के अनुसार कुल 674 शेरों में 161 नर, 260 मादा, 116 वयस्क शावक और 137 शावक हैं।
एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास
एशियाई शेरों के लिए विख्यात गुजरात का गिर नेशनल पार्क राज्य के सोमनाथ, जूनागढ़, अमरेली और भावनगर जिलों के 412 वर्ग किलोमीटर फैला हुआ है। इसकी स्थापना 1965 में की गई थी। गिर जंगल देश में एशियाई शेरों का एकमात्र ठिकाना है।
 ‘पूनम अवलोकन में शेरों की संभावित संख्या की गणना
गुजरात के वन विभाग ने 5 और 6 जून को पूर्णिमा में शेरों की संभावित संख्या की गणना की कवायद यानी ‘पूनम अवलोकन’ शुरू की थी।हर पांच साल बाद होने वाली यह गणना मई में होनी थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते इसे टाल दिया गया।
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शेरों की संख्या की यह अब तक की सबसे अधिक वृद्धि दर है। इसके अलावी शेरों के इलाके में भी 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2015 के 22,000 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2020 में 30,000 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
शेरों की मौतों के कारण भी रहा चर्चा में
पिछले कुछ समय से गिर नेशनल पार्क टिक शेरों की बड़ी संख्या में हुई मौतों की वजह से भी चर्चा में रहा है। फरवरी से लेकर मई के बीच यहां (किलनी) जनित बीमारी ‘बेबसियोसिस’ के  शेरों की मौत हुई है। इससे पहले अक्टूबर-नवंबर 2018 में कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस (CDV) के चलते 40 शेरों की मौत हो गई थी।
एशियाई शेर
एशियाई शेर (Asiatic lion) का वैज्ञानिक नाम पैंथेरा लियो पर्सिका (Panthera Leo Persica) है। भारत में ये गिर के नेशनल पार्क में पाए जाते हैं। एशियाई शेर को ‘भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ के तहत अनुसूची-I में रखा गया है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (International Union for Conservation of Nature- IUCN) की रेड लिस्ट में एशियाई शेर को विलुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है।

Leave a Reply