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भारत सरकार और विश्‍व बैंक में एमएसएमई आपात कार्रवाई योजना के लिए समझौता

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार और विश्व बैंक ने 6 जुलाई को सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्योग (MSME) आपात प्रतिक्रिया योजना के लिए 75 करोड़ डॉलर के करार पर हस्‍ताक्षर किए।
  • इसका उद्देश्‍य कोविड-19 संकट से प्रभावित सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्योगों-एमएसएमई के हाथ में वित्‍त का प्रवाह बढ़ाने में समर्थन देना है।
  • विश्व बैंक के इस कार्यक्रम के अंतर्गत इस श्रेणी के लगभग 15 लाख उद्योगों को त्‍वरित रूप से तरलता और ऋण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे मौजूदा संकट के बावजूद अपना कार्य करते रहें और उनके द्वारा उपलब्‍ध लाखों रोजगार सुरक्षित रहें।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जून 2020 को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) की परिभाषा को और व्यापक करते हुए घोषणा की कि 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार (टर्नओवर) या 50 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली संस्थाएं मध्यम उद्यम की श्रेणी में होंगी।

नए परिवर्तनों के अनुसार

  • एक करोड़ रुपये से कम के निवेश और पांच करोड़ रुपये के कारोबार वाले व्यवसायों को सूक्ष्म उद्यमों (Micro Enterprises) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
  • 10 करोड़ रुपये निवेश और 50 करोड़ रुपये के कारोबार वाले उद्योग लघु उद्यमों (Small Enterprises) के अंतर्गत आएंगे।
  • 20 करोड़ रुपये निवेश और 250 करोड़ रुपये कारोबार वाले उद्यम मध्यम उद्यम (Medium Enterprises) की श्रेणी में आएंगे।

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