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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की पढ़ाई के लिए सीबीएसई और आईबीएम में समझौता

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education, CBSE) ने देश के 200 हाई स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ( Artificial Intelligence (AI) की पढ़ाई के लिए दिग्गज तकनीकी कंपनी आइबीएम से समझौता किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • देश के 13 राज्यों में स्थित 200 चुने गए हाई स्कूलों में कक्षा 11 व 12 में एआइ की पढ़ाई कराई जाएगी।
  • यह सीबीएसई के सोशल एंपावरमेंट थ्रू वर्क एजुकेशन एंड एक्शन (Social Empowerment through Work Education and Action,सेवा) का एक हिस्सा है।
  • एआइ का पाठ्यक्रम ज्ञान, कौशल व मूल्यों पर आधारित होगा। कंपनी का कहना है कि वह आगे छात्रों के लिए समस्या आधारित पठन-पाठन तथा शिक्षकों के लिए मूल्यांकन आधारित तकनीक विकसित करेगी।
  • सीबीएसई की कक्षा 11 व 12 के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने में आइबीएम के अलावा ऑस्ट्रेलिया की मैक्वायर यूनिवर्सिटी, लर्निग लिंक फाउंडेशन व 1एम1बी मदद कर रहे हैं।
  • आइबीएम की साझीदारी के साथ सितंबर 2019 में सीबीएसई ने एआइ पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी।
  • एआइ पाठ्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 11वीं के पांच हजार छात्रों और एक हजार शिक्षकों को एआइ कौशल प्रदान करना था। आइबीएम व सीबीएसई ने छात्रों व शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘2020 आइबीएम एडटेक यूथ चैलेंज’ का भी आयोजन किया था।

क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ है एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें एक ऐसा दिमाग बनाया जाता है, जिसमें कंप्यूटर सोच सके और निर्णय ले सके।इसके विकास की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक जॉन मैकार्थी के अनुसार यह बुद्धिमान मशीनों, विशेष रूप से बुद्धिमान कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने का विज्ञान और अभियांत्रिकी है अर्थात् यह मशीनों द्वारा प्रदर्शित की गई इंटेलिजेंस है।

आईबीएम

  • International Business Machines Corporation (IBM) एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी है। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क (USA) में स्थित है।
  • इस कंपनी की शुरुआत 1911 में कम्प्यूटिंग-टैबुलैटिंग-रिकॉर्डिंग कंपनी के नाम से हुई थी, जिसे 1924 में बदल कर इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (IBM) कर दिया गया ।
  • कम्प्यूटिंग क्षेत्र के शुरुआती आविष्कार जैसे मैनफ्रेम, फ्लॉपी डिस्क आदि आईबीएम ने ही किए हैं।
  • आईआईटी कानपुर से पासआउट अरविंद कृष्णा इसके वर्तमान सीईओ हैं।
  • आईबीएम के पांच कर्मचारियों ने नोबेल पुरस्कार जीता है। वे हैं: लियो एसकी, 1973 में सेमीकंडक्टर्स में काम के लिए; 1986 में गर्ड बिडिंग और हेनरिक रोहरर ने स्कैनिंग टनलिंग माइक्रोस्कोप के लिए; और जॉर्ज बेडनॉर्ज़ और एलेक्स म्यूएलर, ज़्यूरिख़ के 1987 में, सुपरकंडक्टिविटी में शोध के लिए।

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